आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस (AI) कंपनी एंथ्रोपिक के नए AI मॉडल को लेकर एक्सपर्ट ने बड़ी चिंता जाहिर की थी. अगर साइबर ठगों के ग्रुप के पास ये मॉडल पहुंच जाता है तो यह एक बड़ा खतरा साबित होगा.
लेटेस्ट रिपोर्ट के मुताबिक, अब ऐसा ही हुआ है. कुछ अनऑथराइज्ड यूजर्स के एक छोटे ग्रुप ने Mythos AI मॉडल तक एक्सेस बना लिया है.
ब्लूमबर्ग की एक रिपोर्ट में कहा है कि कुछ अनऑथराइज्ड यूजर्स के एक छोटे से ग्रुप ने एंथ्रोपिक के नए Mythos AI मॉडल तक एक्सेस बना लिया है.
रिपोर्ट के मुताबिक, एक प्राइवेट ऑनलाइन फोरम के कुछ यूजर्स को उसी दिन Mythos का एक्सेस मिल गया, जिस दिन कंपनी ने पहली बार इस मॉडल को कुछ कंपनियों के लिए टेस्टिंग के लिए देने का ऐलान किया था.
साइबर सिक्योरिटी में यूज नहीं
ब्लूमबर्ग की रिपोर्ट में यह भी साफ किया जा चुका है कि यह समूह लगातार Mythos का यूज कर रहा है. हालांकि इसका यूज साइबर सिक्योरिटी के उद्देश्यों के लिए नहीं किया जा रहा है.
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एंथ्रोपिक कंपनी के एक प्रवक्ता ने कहा कि हम उस रिपोर्ट की जांच कर रहे हैं, जिसमें दावा किया गया है कि हमारे एक थर्ड-पार्टी वेंडर एनवायरमेंट के जरिए Claude Mythos Preview तक अनऑथराइज्ड एक्सेस बनाया है.
एन्थ्रोपिक का प्रोजेक्ट ग्लासविंग क्या है?
एन्थ्रोपिक ने इस साल 7 अप्रैल को Mythos का ऐलान किया और इसका प्रोजेक्ट ग्लासविंग के तहत लागू करने का ऐलान किया है. यह एक रेगुलेशन के तहत काम करने वाला प्लान है. इस प्लान के तहत चुनिंदा संगठनों को डिफेंसिव साइबर सिक्योरिटी के लिए रिलीज न किए गए Claude Mythos Preview मॉडल का उपयोग करने की अनुमति दी जाती है.
Mythos का काम क्या है?
Mythos को लेकर चिंता क्यों है?
Mythos, असल में एक पावरफुल AI है और अगर ये गलत हाथों में चला जाए तो यह सिस्टम की खामियों का खुलासा कर देगा, जिसका फायदा साइबर ठग या किसी सिस्टम में सेंधमारी के लिए यूज होगा. इसी वजह से इसको कंट्रोल्ड तरीके से टेस्ट किया जा रहा है.
आजतक टेक्नोलॉजी डेस्क