खतरे में था Airtel के 30 करोड़ से ज्यादा यूजर्स का डेटा...

भारत के तीसरे सबसे बड़े मोबाइल नेटवर्क एयरटेल में एक बग पाया गया था, जिसे कंपनी ने फिलहाल ठीक कर लिया है. इससे कंपनी के 30 करोड़ यूजर्स का निजी डेटा खतरे में पड़ सकता था.

प्रतीकात्मक तस्वीर
aajtak.in
  • नई दिल्ली,
  • 07 दिसंबर 2019,
  • अपडेटेड 2:43 PM IST

  • भारत की तीसरी बड़ी टेलीकॉम कंपनी है एयरटेल
  • 30 करोड़ से भी ज्यादा यूजर्स का डेटा था खतरे में

भारत के तीसरे सबसे बड़े मोबाइल नेटवर्क एयरटेल में एक बग पाया गया था, जिसे फिलहाल कंपनी ने ठीक कर लिया है. इससे कंपनी के 30 करोड़ से ज्यादा यूजर्स का निजी डेटा खतरे में पड़ सकता था. इस खामी को एयरटेल मोबाइल ऐप के ऐप्लिकेशन प्रोग्राम इंटरफेस (API) में खोजा गया था. इससे हैकर्स केवल ग्राहक का नंबर इस्तेमाल कर उनके निजी डेटा को चुरा सकते थे.

ग्राहकों का जो डेटा चुराया जा सकता था, उसमें नाम, ई-मेल, बर्थडे और एड्रेस तक शामिल है. फिलहाल एयरटेल ने BBC द्वारा बताए जाने के बाद इस खामी को ठीक कर लिया है. एयरटेल के एक प्रवक्ता ने बीबीसी को बताया कि हमारे टेस्टिंग API में से एक में तकनीकी समस्या थी. इसके बारे में जानकारी मिलते ही हमने इसे ठीक कर लिया है.

प्रवक्ता ने आगे कहा, 'एयरटेल के डिजिटल प्लेटफॉर्म्स पूरी तरह सुरक्षित हैं. ग्राहकों की निजता हमारे लिए काफी महत्वपूर्ण है और हम अपने डिजिटल प्लेटफॉर्म्स की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए सबसे बेहतर समाधानों का इस्तेमाल करते हैं.'

एयरटेल की इस खामी का पता इंडिपेंडेंट सिक्योरिटी रिसर्चर एहराज़ अहमद ने लगाया था. रिसर्चर ने पब्लिकेशन से कहा कि मुझे इस खामी का पता लगाने में केवल 15 मिनट का वक्त लगा.

ऊपर बताई गई जानकारियों के इतर ग्राहकों का इंटरनेशनल मोबाइल इक्विपमेंट आइडेंटिटी (IMEI) नंबर भी ऐक्सेसिबल था. ये IMEI नंबर किसी मोबाइल डिवाइस की यूनिक न्यूमेरिकल आइडेंटिटी होती है.

आपको बता दें TRAI की रिपोर्ट के मुताबिक सितंबर 2019 के अंत तक एयरटेल के करीब 325 मिलियन एक्टिव सब्सक्राइबर्स थे. कंपनी वोडाफोन आइडिया और रिलायंस जियो के बाद भारत की तीसरी सबसे बड़ी कंपनी है. ऐसे में इतने यूजर्स का निजी डेटा गलत हाथों में जा सकता था और कोई अनहोनी हो सकती थी. हालांकि अभी खोजी गई खामी को दूर कर लिया गया है और ग्राहकों का डेटा सुरक्षित कर लिया गया है. 

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