वर्ल्ड कप: 16 साल बाद दोहराया गया इतिहास, लक्ष्मण जैसा हुआ रायडू का हाल

अंबति रायडू को पिछले साल अक्टूबर से नियमित तौर पर नंबर चार पर उतारा गया. लेकिन, ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ तीन मैचों में नाकामी के बाद उन्हें बाहर कर दिया गया.

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Ambati Rayudu Ambati Rayudu

aajtak.in

  • नई दिल्ली,
  • 17 अप्रैल 2019,
  • अपडेटेड 3:40 PM IST

30 मई से इंग्लैंड में शुरू हो रहे क्रिकेट वर्ल्ड कप के लिए भारतीय चयनकर्ताओं और टीम प्रबंधन ने बल्लेबाजी लाइन-अप में सबसे महत्वपूर्ण चौथे स्थान के लिए दावेदार माने जा रहे अंबति रायडू को नहीं चुना. सोलह साल पहले जिन परिस्थितियों में वीवीएस लक्ष्मण वर्ल्ड कप 2003 की टीम में नहीं आ पाए थे लगभग वैसी ही कहानी दूसरे हैदराबादी बल्लेबाज अंबति रायडू के साथ दोहराई गई है. 2003 में वर्ल्ड कप टीम में तीसरे नंबर के बल्लेबाज के रूप में लक्ष्मण का स्थान पक्का माना जा रहा था.

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लेकिन टीम चयन से कुछ ही महीने पहले न्यूजीलैंड दौरे में खराब प्रदर्शन के कारण उन्हें वर्ल्ड कप का टिकट नहीं मिल पाया. रायडू अपने करियर में शुरू से नंबर तीन या चार पर खेलते रहे हैं. पिछले साल अक्टूबर से उन्हें नियमित तौर पर नंबर चार पर उतारा गया. लेकिन, ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ तीन मैचों में नाकामी के बाद उन्हें बाहर कर दिया गया और अब लगता है कि 33 वर्षीय रायडू का हैदराबाद के अपने सीनियर लक्ष्मण की तरह वर्ल्ड कप खेलने का सपना कभी पूरा नहीं हो पाएगा.

चयनकर्ताओं ने तब लक्ष्मण की जगह दिनेश मोंगिया को लिया था. मोंगिया के चयन का आधार यही था कि वह खेल की तीनों विधाओं बल्लेबाजी, गेंदबाजी और क्षेत्ररक्षण में थोड़ा-थोड़ा योगदान दे सकते थे, जबकि लक्ष्मण विशुद्ध बल्लेबाज थे. रायडू की जगह चुने गए विजय शंकर ने इसी साल वनडे क्रिकेट में डेब्यू किया और अब तक केवल नौ मैच खेले हैं.

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पीटीआई के मुताबिक चयन समिति के अध्यक्ष एमएसके प्रसाद ने शंकर के चयन पर 'त्रिआयामी' शब्द का उपयोग किया, क्योंकि वह तीनों विधाओं में योगदान दे सकते हैं. रायडू विशुद्ध बल्लेबाज हैं. लक्ष्मण ने वर्ल्ड कप 2019 की टीम को लेकर कहा कि 'यह संतुलित टीम है और भारत विश्व कप का प्रबल दावेदार है.' हालांकि, टीम चयन से पहले उन्होंने खुद की 15 सदस्यीय टीम चुनी थी जिसमें रायडू को जगह दी थी. स्वाभाविक है कि रायडू को बाहर करने से वे निराश होंगे.

लक्ष्मण को जब विश्व कप की टीम से बाहर किया गया था, तो उन्होंने तब कहा था, 'यह मेरे करियर का सबसे हताशाजनक क्षण था. मैंने विश्व कप के लिए कड़ी मेहनत की थी. पिछले साल (2002 में) वेस्टइंडीज सीरीज में मैंने सबसे अधिक रन (312) बनाए थे और इसके बाद इस तरह से टीम से बाहर किया जाना बेहद करारा झटका था. यह निराशा हमेशा बनी रहेगी. इस खबर को पचाने में मुझे थोड़ा समय लगा.' रायडू ने भी अपनी निराशा व्यक्त की और उन्होंने 'त्रिआयामी' शब्द का उपयोग व्यंग्यात्मक लहजे में करके चयनकर्ताओं पर तंज कसा.

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रायडू ने ट्वीट किया, 'विश्व कप देखने के लिए 3डी चश्मे का आर्डर कर दिया है.' रायडू के इस ट्वीट को रिट्वीट करते हुए प्रज्ञान ओझा ने लिखा था, 'हैदराबादी क्रिकेटरों का दिलचस्प मामला. ऐसी स्थिति में रह चुका हूं. निराशा समझ सकता हूं.' दिलचस्प बात यह थी कि 2002-03 में न्यूजीलैंड के खिलाफ पहले तीन वनडे में लक्ष्मण खेले थे जिनमें उन्होंने 9, 20 और 10 रन की पारियां खेली थी. इसके बाद तीन वनडे में उनकी जगह मोंगिया उतारे गए जिसमें वह 12, दो और शून्य का स्कोर ही बना पाए थे.

इसके बावजूद मोंगिया को विश्व कप टीम में चुना गया जिसमें उन्होंने 11 मैच की छह पारियों में 20 की औसत से 120 रन बनाए थे. उन्होंने पांच विकेट लिए थे. मोंगिया इसके बाद ज्यादा दिनों तक टीम में नहीं रहे और लक्ष्मण ने वापसी पर ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ चेन्नई में 102 रन बनाए थे. रायडू ने ऑस्ट्रेलियाई सीरीज से पहले न्यूजीलैंड के खिलाफ आखिरी मैच में 90 रन बनाए थे. ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ तीन मैचों में वह 33 रन ही बना पाए और आखिर में ये तीन पारियां उनका विश्व कप में खेलने का सपना चकनाचूर कर गई.

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