कहीं बलात्कार की कोशिश तो कहीं उजाड़ दिया घर..

दौलत, शोहरत और कामयाबी का नशा कई बार इंसान के सिर चढ़ कर बोलता है, लेकिन आबादी के हिसाब से देश के सबसे बड़े सूबे उत्तर प्रदेश में तो इन तीनों का नशा सूबे के सत्ताधारी पार्टी के हर दूसरे नेता और वर्दीवाले पर हावी है.

Advertisement
Symbolic Image Symbolic Image

aajtak.in

  • लखनऊ,
  • 09 जुलाई 2015,
  • अपडेटेड 9:56 AM IST

दौलत, शोहरत और कामयाबी का नशा कई बार इंसान के सिर चढ़ कर बोलता है, लेकिन आबादी के हिसाब से देश के सबसे बड़े सूबे उत्तर प्रदेश में तो इन तीनों का नशा सूबे के सत्ताधारी पार्टी के हर दूसरे नेता और वर्दीवाले पर हावी है.

थाने में बलात्कार की कोशिश के बाद कोई औरत जिंदा जला दी जाती है, तो कहीं कोई विधायक किसी गरीब बेवा का घर ही उजाड़ देता है और कहीं जबरन वसूली के लिए विधायक की धमकियों से ग्राम प्रधान की जान के लाले पड़ जाते हैं.

Advertisement

यूपी में समाजवाद का सुनहरा सपना कब टूटे हुए शीशों की मानिंद आवाम की आंखों में चुभने लगा. किसी को पता ही नहीं चला कि कब कानून की हिफाजत करते-करते वर्दीवाले ही कानून को अपने बूटों तले रौंदने लगें और फिर एक वक्त ऐसा आया कि बातों ही बातों में सूबे के सीएम को खुद अपने नेताओं को आईना दिखाना पड़ा. सीएम के आईने में चमक होती तो सूबे के हालात कब के बदल चुके होते.

बाराबंकी में एक महिला नाजायज तरीके से थाने में बंद अपने पति को छुड़ाने के इरादे से पुलिस स्टेशन पहुंची थी. पहले तो थानेदार साहब ने उनसे रिश्वत में एक लाख रुपये की मांग की और फिर जिस्म से जेवर उतरवा लिए लेकिन जब इससे भी उनका मन नहीं भरा, तो थाने में ही अस्मत लूटने की कोशिश की. जब महिला की खुद्दारी आड़े आ गई तो थानेदार और एसआई साहब ने खुद ही अपने हाथों से पेट्रोल डाल कर उसे जिंदा जला दिया.

Advertisement

यूपी के बाशिंदों ने जिन विधायकों को आवाम की हिफाजत और उनका ख्याल रखने के लिए चुना था, सत्ताधारी पार्टी के उन्हीं विधायकों ने खुद अपने हाथों से एक गरीब बेवा का घर उजाड़ दिया. तिनका-तिनका जोड़ कर बनाए गए आशियाने पर अपनी आंखों के सामने बुलडोजर चलता देख एक तरफ एक गरीब विधवा रोती रही और दूसरी तरफ सत्ता के नशे में चूर विधायकों के अट्टाहास से मानों पूरा इलाका गूंजता रहा.

उत्तर प्रदेश के चित्रकूट में समाजवादी पार्टी के दो विधायकों वीर सिंह पटेल और राम सिंह पर एक गरीब विधवा का घर उजाड़ने का आरोप है. पीड़ित महिला की मानें तो दोनों विधायकों के गुर्गों ने मंगलवार अचानक उसका घर चारों तरफ से घेर लिया. इससे पहले वह कुछ समझ पाती, पहले तो उसे खींच कर घर से बाहर निकाला और फिर बुल्डोजर से उसी की आंखों के सामने उसका घर मटियामेट कर दिया. वह चीखती रही, चिल्लाती रही और रहम की भीख मांगती रही, लेकिन कानून बनाने वाले विधायक खुद ही एक गरीब विधवा को बेघर करते रहे.

40 सालों से एक जगह पर रह रही एक अकेली महिला से अस्लहों के दम पर एक अदद छत भी छीन ली गई. काफी भागदौड़ के बाद पुलिस ने महिला की शिकायत पर रिपोर्ट तो दर्ज कर ली, लेकिन इसके बाद उसे जो धमकी मिली, वो रौंगटे खड़े करने वाली थी. विधायक के गुर्गों ने कहा कि अगर उसने पुलिस में की गई अपनी शिकायत वापस नहीं ली, तो अगली बार उसे जिंदा जला दिया जाएगा.

Advertisement

जहां कानून बनाने वालों से लेकर कानून की हिफाजत करने वालों तक सारे के सारे सत्ता के चश्मे से दुनिया देखते हों, वहां भला इंसाफ की उम्मीद भी किससे की जा सकती है. जब इस सिलसिले पत्रकारों ने जिले की डीएम साहिबा से सवाल किया तो उन्होंने न सिर्फ लगे हाथ विधायकों के हक में फैसला सुनाया बल्कि यह कह दिया कि अगर मामला सत्ताधारी दल से जुड़ा होता तो कतई एफआईआर ही दर्ज नहीं होती.

Read more!
Advertisement

RECOMMENDED

Advertisement