'कॉल ड्रॉप' हुई तो यूजर को हर बार मिलेगा एक रुपये का मुआवजा

भारतीय दूरसंचार नियामक प्राधिकरण (TRAI) कॉल ड्रॉप के लिए यूजर्स को मुआवजा देने के बारे में जल्दी ही सिफारिशें देगा. सूत्रों के मुताबिक, नियामक प्रत्येक कॉल ड्रॉप के लिए एक रुपये का मुआवजा देने का प्रस्ताव कर सकता है और इस संबंध में सिफारिशों शुक्रवार को आ सकती हैं.

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ब्रजेश मिश्र

  • नई दिल्ली,
  • 16 अक्टूबर 2015,
  • अपडेटेड 9:09 AM IST

भारतीय दूरसंचार नियामक प्राधिकरण (TRAI) कॉल ड्रॉप के लिए यूजर्स को मुआवजा देने के बारे में जल्दी ही सिफारिशें देगा. सूत्रों के मुताबिक, नियामक प्रत्येक कॉल ड्रॉप के लिए एक रुपये का मुआवजा देने का प्रस्ताव कर सकता है और इस संबंध में सिफारिशों शुक्रवार को आ सकती हैं.

TRAI के चेयरमैन आर.एस. शर्मा ने इससे पहले कहा था कि प्रस्ताव अक्तूबर के मध्य तक आएगा.

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जुर्माना बढ़ाने का भी प्लान
दूसरी ओर नियमों को कड़ा करते हुए TRAI ने ‘कॉल ड्रॉप’ समेत खराब मोबाइल सेवाओं के लिए जुर्माना राशि बढ़ाकर दो लाख रुपये तक कर दी है. ट्राई ने कहा कि अगर कंपनियां सेवा गुणवत्ता के लिए निर्धारित मानदंडों को लगातार दो या अधिक तिमाहियों तक पूरा करने में नाकाम रहती हैं तो जुर्माना राशि 2 लाख रुपये तक होगी.

इन सारी गलतियों पर लगेगा जुर्माना
नियमों के तहत ट्राई के सेवा गुणवत्ता मानदंडों में ‘कॉल ड्रॉप’, मोबाइल टावरों की उपलब्धता, कॉल कनेक्शन के लिए लगने वाला समय, नेटवर्क कंजेशन, आवाज की गुणवत्ता और नेटवर्क संबंधी मुद्दे शामिल होंगे. इसके अलावा यूजर से संबंधित मुद्दे भी इसमें शामिल होंगे जिसमें शिकायतों का निपटान, गलत तरीके से वसूली गई राशि को लौटाना और कॉल सेंटर तक पहुंच आदि शामिल हैं.

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मौजूदा नियमों के तहत पहले उल्लंघन में जुर्माना 50,000 रुपये तक है और नेटवर्क संबंधी गुणवत्ता मानदंडों के मामले में बार-बार विफलता पर एक लाख रुपये तक के जुर्माने का प्रावधान है. हालांकि उपभोक्ता संबंधी मामलों में जुर्माना 50,000 रुपये तक सीमित है.

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