दिल्ली की जामिया यूनिवर्सिटी में दिल्ली पुलिस के एक्शन पर कई तरह के सवाल खड़े हो रहे हैं. बीते दिनों जो वीडियो सामने आए हैं वो अलग-अलग दावे कर रहे हैं. इस सबके बीच राजनीतिक बयानबाजी भी तेज हो रही है. कांग्रेस नेता और पूर्व केंद्रीय मंत्री कपिल सिब्बल ने जामिया के मामले पर एक कविता लिखी है, जिसके जरिए उन्होंने दिल्ली पुलिस और केंद्र सरकार पर सवाल खड़े किए हैं.
अंग्रेजी में लिखी गई इस कविता में कपिल सिब्बल ने दिल्ली पुलिस, लोकतंत्र की स्थिति पर सवाल खड़े किए हैं. पूर्व केंद्रीय मंत्री ने लिखा है…
पुलिस की जामिया लाइब्रेरी में बर्बरता
जब
पुलिस सच छुपाती है
जब
युवाओं के साथ संवाद नहीं होता है
जब
भाषण में कोई तर्क ना हो
जब
सरकार एक जासूस बन जाए
और
डाटा पूरी तरह झूठा हो
धीरे-धीरे
लोकतंत्र की जड़ें कमजोर होने लगती हैं.
गौरतलब है कि दिल्ली की जामिया यूनिवर्सिटी में पिछले साल प्रदर्शन के दौरान 15 दिसंबर को बवाल हुआ था. इस दौरान के कुछ वीडियो अब सामने आए हैं, जिसमें दिल्ली पुलिस यूनिवर्सिटी की लाइब्रेरी में घुसकर छात्रों पर लाठियां बरसा रही हैं. इस वीडियो के बाद ही विवाद शुरू हो गया है.
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दिल्ली पुलिस के द्वारा लाठीचार्ज करते हुए वीडियो आने के बाद दो वीडियो और भी आए. इनमें से एक वीडियो में कुछ लोग मुंह पर रुमाल बांधे हुए, लाइब्रेरी में घुस रहे हैं और पुलिस का रास्ता रोकने की कोशिश कर रहे हैं. दिल्ली पुलिस की ओर से इस बारे में बयान जारी किया गया है, जिसमें वीडियो की जांच होने की बात कही गई है.
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वीडियो सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर एक तीखी बहस छिड़ गई है. जिसमें कई राजनीतिक दल के सदस्य भी दिल्ली पुलिस के एक्शन पर सवाल खड़े कर रहे हैं, वहीं कई लोग दिल्ली पुलिस के बचाव में भी आए हैं. दिल्ली पुलिस का बचाव करने वालों की ओर से तर्क दिया जा रहा है कि कुछ छात्रों ने लाइब्रेरी में भी रुमाल मुंह पर बांधा हुआ है, जो कि हमलावर हैं और छुपने को कोशिश कर रहे थे.
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