3 वीडियो रिलीज और एक पहेली की तरह उलझ गई जामिया हिंसा की हकीकत

वीडियो वायरल होने के बाद दिल्ली पुलिस और केंद्र सरकार पर चौतरफा तीखे हमले होने लगे. पुलिस ने कहा कि वीडियो की जांच की जा रही है.जामिया यूनिवर्सिटी के प्रशासन ने अपने हाथ खड़े कर दिए कि उन्होंने ये वीडियो जारी नहीं किया.

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जामिया इलाके में 15 दिसंबर को हुई हिंसा (फाइल फोटो) जामिया इलाके में 15 दिसंबर को हुई हिंसा (फाइल फोटो)

अरविंद ओझा

  • नई दिल्ली,
  • 17 फरवरी 2020,
  • अपडेटेड 10:53 AM IST

  • दिल्ली पुलिस ने जामिया को लेकर जारी किए दो वीडियो
  • जामिया कोऑर्डिनेशन कमेटी ने भी जारी किया वीडियो

दिल्ली की जामिया मिल्लिया इस्लामिया यूनिवर्सिटी में पिछले साल 15 दिसंबर को हुई बर्बरता से जुड़े कुछ वीडियो सामने आए हैं. इस वीडियो में सुरक्षाबल डंडों से छात्रों को पीटते हुए दिख रहे हैं. बताया गया कि वीडियो जामिया की लाइब्रेरी का है जहां छात्र पढ़ रहे थे और सुरक्षाबल अचानक से घुसकर छात्रों को पीट रहे हैं. वीडियो वायरल हो गया. वीडियो 15 दिसंबर का बताया गया है. वीडियो के सामने आने के बाद से दिल्ली पुलिस और केंद्र सरकार की और खिंचाई होने लगी कि कैसे छात्रों को इस तरह से पीटा जा रहा है.

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वीडियो वायरल होने के बाद दिल्ली पुलिस और केंद्र सरकार पर चौतरफा तीखे हमले होने लगे. दिल्ली पुलिस ने कहा कि वीडियो की जांच की जा रही है. जामिया यूनिवर्सिटी के प्रशासन ने अपने हाथ खड़े कर दिए कि उन्होंने ये वीडियो जारी नहीं किया. इस वीडियो के बारे में पता चला कि ये जामिया के छात्रों के एक संगठन जामिया कोऑर्डिनेशन कमेटी को कहीं से मिला था. वीडियो के सही होने के दावे किए जा रहे हैं और ये दिखाया गया कि कैसे पुलिस लाइब्रेरी के अंदर घुसकर छात्रों को पीट रही है.

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पुलिस की खिंचाई के बीच कई लोगों ने इस वीडियो के पहले हिस्से और उन छात्रों पर फोकस किया जो चेहरे को रुमाल से ढके और पुलिस को देखते ही अचानक से किताब खोल कर पढ़ते दिख रहे हैं. इसी के बाद से एक बहस शुरू हो गई कि पुलिस जामिया के छात्रों को नहीं बल्कि उन नकाबपोशों और पत्थरबाजों पर कार्रवाई कर रही थी जो हिंसक प्रदर्शन के बाद जामिया कैंपस में आकर छुप गए थे.

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पुलिस की ओर से मिला वीडियो

इसके बाद दिल्ली पुलिस की तरफ से जो वीडियो मिला उसमें दूसरी ही कहानी सामने आई और सवाल उठ गए कि पुलिस ने जामिया के छात्रों को पीटा या फिर उन पत्थरबाजों को पीटा जो तोड़फोड़ करके लाइब्रेरी के अंदर छुप गए थे. दिल्ली पुलिस क्राइम ब्रांच से मिले वीडियो में छात्र बदहवासी में लाइब्रेरी के अंदर आ रहे हैं.

ऐसा लग रहा है कि जैसे वो छुपने की कोशिश कर रहे हैं. इसी में नकाब और रुमाल से ढके कई चेहरे भी हैं. वे लाइब्रेरी की टेबल को खिसकाकर लाइब्रेरी का दरवाजा बंद करते हैं. अब इस वीडियो के आने के बाद उस कहानी ने नया ट्विस्ट लिया जिसमें पुलिस को बर्बरता पर कोसा जा रहा था.

इस वीडियो ने कहानी पलट दी. पुराना वीडियो पहले की कहानी का दावा करता है, क्योंकि पहले वीडियो में जहां ये दिखाया गया कि पुलिस ने बेरहमी से छात्रों को पीटा तो इस वीडियो में दिखा कि लाइब्रेरी के अंदर नकाबपोश और पत्थरबाज छात्र छुप गए थे. इस वीडियो से ये दिखाने की कोशिश है कि हिंसक प्रदर्शन के बाद काफी संख्या में छात्र लाइब्रेरी में छुप गए थे और जब पत्थरबाज छात्रों को खोजते हुए पुलिस जामिया की लाइब्रेरी में पहुंची तो वो किताब खोलकर पढ़ने लगे. लेकिन पुलिस उन्हें लाइब्रेरी से पीटते हुए ले गई.

एक तीसरा वीडियो भी सामने आया. दूसरे वीडियो की तरह ये भी दिल्ली पुलिस ने जारी किया है. पुलिस के मुताबिक ये वीडियो भी जामिया यूनिवर्सिटी कैंपस का है. इस वीडियो में छात्र सीढ़ियों और बालकनी में हैं. उनके हाथ में पत्थर हैं. वीडियो के बारे में दावा है कि ये 15 दिसंबर का ही है और शाम 6 बजकर 5 मिनट का है. कई छात्रों के हाथ में बड़े बड़े पत्थर हैं. बाद में पुलिस अंदर आती है तो छात्रों में खुद को बचाने और छुपने के लिए भगदड़ मच जाती है.

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