शाहिद के भाई बोले, देवदास जैसा हो सकता था कबीर सिंह का क्लाइमैक्स

ईशान खट्टर ने फिल्म के क्लाइमैक्स पर कहा कि वो डायरेक्टर का फैसला था. ये फिल्म अलग ढंग से भी खत्म हो सकती थी. ये फिल्म देवदास की तरह ही बेहद त्रासदी भरे तरीके से भी खत्म हो सकती थी.

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ईशान खट्टर और शाहिद कपूर ईशान खट्टर और शाहिद कपूर

aajtak.in

  • नई दिल्ली,
  • 08 जनवरी 2020,
  • अपडेटेड 11:21 PM IST

शाहिद कपूर के करियर की सबसे विवादास्पद फिल्मों में शुमार कबीर सिंह ने बॉलीवुड पर जबरदस्त सफलता भी हासिल की थी हालांकि कई लोगों ने इस फिल्म में शाहिद के क्रेजी किरदार पर सवाल भी उठाए थे खासकर उन सीन्स को लेकर जिनमें शाहिद कियारा के साथ हिंसा करता है. इस फिल्म के बारे में शाहिद के भाई और एक्टर ईशान खट्टर ने भी हाल ही में बात की है. 

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ने कहा कि मैंने उस किरदार को पसंद किया और उससे नफरत भी की. मैं उसकी कहानी में काफी खो गया था. वो एक ऐसा शख्स नहीं था जिससे मैं प्रेरणा लेना चाहूंगा. लेकिन मैंने एक ऐसा कैरेक्टर देखा जो जिंदगी में उतार-चढ़ाव से गुजर रहा है और इसमें से ज्यादातर दिक्कतें उसने खुद ही अपने लिए क्रिएट की हैं. अपनी चॉइस के चलते वो खुद ही अपने आप को खत्म करने पर आमादा है.  

ने फिल्म के क्लाइमैक्स पर कहा कि वो डायरेक्टर का फैसला था. ये फिल्म अलग ढंग से भी खत्म हो सकती थी. ये फिल्म देवदास की तरह ही बेहद त्रासदी भरे तरीके से भी खत्म हो सकती थी लेकिन फिल्म के डायरेक्टर ने त्रासदी की जगह उम्मीद को चुना. बता दें कि का निर्देशन संदीप रेड्डी वांगा ने किया था और ये फिल्म साल 2019 की सबसे ज्यादा कमाई करने वाली फिल्मों में शुमार हुई थी. इस फिल्म ने डोमेस्टिक बॉक्स ऑफिस पर ही 278 करोड़ की कमाई की थी. इस फिल्म के साथ ही शाहिद और कियारा के करियर को जबरदस्त पुश मिला है. ॉ

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जबरदस्त पब्लिसिटी के चलते मिली थी फिल्म को शानदार सफलता

गौरतलब है कि गूगल की रिपोर्ट में खुलासा हुआ है कि फिल्म2019 में सबसे ज्यादा गूगल पर सर्च की गई है. इतना ही नहीं 2019 में पूरी दुनिया में सबसे ज्यादा सर्च होने वाली फिल्म की लिस्ट में कबीर सिंह चौथे स्थान पर है. मतलब देश के अलावा दुनिया में भी फिल्म का बोलबाला रहा. एक इंटरव्यू में ने कहा, 'निजी रूप से मैं इन सीन्स को करने के लिए राजी नहीं थी और उनसे मुझे असहज महसूस हो रहा था. कुछ और चीजें भी थीं जिनसे मैं असहज महसूस कर रही थी जैसे का किरदार. मैं उन्हें एक हीरो के रूप में नहीं देखा था.'

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