बंगाल: कई इलाकों में 100 घंटे से बिजली-पानी नहीं, नाराज लोग सड़कों पर उतरे

साइक्लोन से हुई तबाही के बाद राज्य में लोगों को बिजली की किल्लत तो है ही, साथ में पानी के लिए खासा संघर्ष करना पड़ रहा है. ऐसे वक्त में जब लोगों को कोरोना की वजह से सोशल डिस्टेंसिंग बनाए रखना है तो उन्हें पानी के लिए बाहर निकलने को मजबूर होना पड़ रहा है.

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बंगाल में साइक्लोन से गिरे पेड़ों को हटाने में जुटा प्रशासन (पीटीआई) बंगाल में साइक्लोन से गिरे पेड़ों को हटाने में जुटा प्रशासन (पीटीआई)

मनोज्ञा लोइवाल

  • कोलकाता,
  • 25 मई 2020,
  • अपडेटेड 9:24 PM IST

  • सड़क पर उतरे लोगों पर पुलिस ने किया लाठीचार्ज
  • प्रशासन का दावा- अब तक 95% सप्लाई दुरुस्त हुई
कोरोना संकट के बीच आए सुपर साइक्लोन अम्फान ने पश्चिम बंगाल में जमकर तबाही मचाई है और उस तूफान के जाने के कई दिन बाद भी स्थिति सामान्य नहीं हो सकी है. राजधानी कोलकाता में बिजली-पानी के लिए संघर्ष करने को मजबूर लोग सड़क पर उतर आए हैं. पुलिस को लोगों को नियंत्रित करने के लिए कई जगहों पर लाठीचार्ज करनी पड़ी है.

लोगों की शिकायत है कि 100 घंटे से शहर में बिजली-पानी की सप्लाई बहाल नहीं हो पाई है. हालांकि दावा किया जा रहा है कि अब 95 फीसदी इलाकों में बिजली-पानी सप्लाई ठीक कर दी गई है.

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साइक्लोन ने मचाई तबाही

पिछले हफ्ते आए सुपर साइक्लोन ने राज्य में जमकर तबाही मचाई है. देश के अन्य हिस्सों की तरह बंगाल भी कोरोना के संकट से जूझ ही रहा था कि इस तूफान ने और तबाही मचा दी. जगह-जगह सड़कों पर पेड़ गिरे हुए हैं. आम जनजीवन अभी भी अस्त-व्यस्त है.

लोगों की बिजली की किल्लत तो है ही, साथ ही पानी के लिए खासा संघर्ष करना पड़ रहा है. ऐसे वक्त में जब लोगों को कोरोना की वजह से सोशल डिस्टेंसिंग बनाए रखना है तो उन्हें पानी के लिए बाहर निकलने को मजबूर होना पड़ रहा है. ऐसे में लोगों को काफी दिक्कत हो रही है.

100 घंटे से ज्यादा का वक्त हो चुका है, लेकिन राज्य सरकार बिजली और पानी जैसी बुनियादी चीजों की सप्लाई बहाल नहीं कर सकी है. इस वजह से लोगों में नाराजगी बढ़ती ही जा रही है.

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उखड़ गए हजारों पेड़

इस भीषण तूफान ने कोलकाता में हजारों पेड़ों को जमींदोज कर दिया. कई इलाकों में बिजली के खंभे भी टूट गए थे. हालांकि युद्धस्तर पर एजेंसियां गिरे पेड़ों को हटाने और बिजली के खंभों को दोबारा खड़े करने की कोशिश में जुटी हैं. लेकिन वक्त इतना ज्यादा लग रहा है कि अब लोगों का धैर्य जवाब देने लगा है और जनता में गुस्सा बढ़ता जा रहा है.

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इस बीच राज्य की ममता बनर्जी सरकार की व्यवस्था को जल्द दुरुस्त करने में मिली नाकामी पर भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) को ममता सरकार पर निशाना साधने का मौका मिल गया. बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष दिलीप घोष ने साल्टलेक इलाके में खुद पेड़ों की कटाई की और साथ में राज्य सरकार पर जमकर निशाना साधा.

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