अश्वेत युवक को मारी गईं थी 16 गोलियां, वीडियो सामने आने के बाद बवाल

अमेरिकी पुलिस का नस्लभेदी चेहरा सामने आ गया है. पुलिस ने एक नाबालिक अश्वेत युवक को 16 बार गोली मारी थी. इस सनसनीखेज वारदात का वीडियों जारी होने के बाद शिकागो शहर में हिंसा भड़की उठी. सरकार ने आरोपी अफसर पर हत्या का मामला चलाएगी.

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शिकागो की सड़क पर युवक तड़पता रहा, मगर पुलिस ने उसकी मदद नहीं की शिकागो की सड़क पर युवक तड़पता रहा, मगर पुलिस ने उसकी मदद नहीं की

परवेज़ सागर

  • शिकागो,
  • 25 नवंबर 2015,
  • अपडेटेड 5:41 PM IST

अमेरिकी पुलिस का नस्लभेदी चेहरा सामने आ गया है. पुलिस ने एक नाबालिक अश्वेत युवक को 16 बार गोली मारी थी. इस सनसनीखेज वारदात का वीडियो जारी होने के बाद शिकागो शहर में हिंसा भड़की उठी. सरकार ने आरोपी अफसर पर हत्या का मामला चलाएगी.

अक्टूबर 2014 के दौरान शिकागो में एक अश्वेत नाबालिग किशोर को एक पुलिस अधिकारी ने गोलियां मारी थी. पुलिस ने अब जाकर उस घटना का एक ग्राफिक वीडियो जारी किया है. इस वीडियो के जारी होने से शिकागो में हालात तनावपूर्ण हो गए. सुनियोजित विरोध के लिए प्रदर्शनकर्ताओं की भीड़ जमा हो गई. इस दौरान पुलिस के साथ धक्का मुक्की की कुछ छिटपुट घटनाएं भी हुईं.

युवक को गोली मारे जाने वाले डैशकैम वीडियो में दिखाया गया है कि अधिकारी जैसन वान डाइक ने 17 वर्षीय लाक्वान मैक्डॉनल्ड पर 16 बार गोलियां चलाईं थी. वीडियो में दिखाई दे रहा है कि मैक्डॉनल्ड गली के बीचों बीच एक पुलिस वाहन की ओर दौड़ रहा है, वह अपनी पैंट खींचता है और इसके बाद वान डाइक और उसके साथी से दूर जाना लगता है.

कुछ पल बाद ही लाक्वान मैक्डॉनल्ड का शरीर घूमता है और वह फुटपाथ पर गिर जाता है. मैक्डॉनल्ड ने बाद में अपना सिर उठाता है, एक हाथ हिलाता है और सीने में एक ओर गोली लगने से उसकी मौत हो जाती है. इसके बाद मैक्डॉनल्ड के पास आने वाले किसी भी अधिकारी ने उसकी मदद करने की कोशिश नहीं की और सड़क पर उसका खून बहता रहा.

कुक काउंटी स्टेट की अटार्नी अनीता अलवारेज ने वान डाइक के खिलाफ प्रथम डिग्री हत्या का आरोप लगाए जाने के बाद संवाददाताओं से कहा कि यह ग्राफिक है, यह हिंसक है, यह डरावना है. 17 वर्षीय युवक को इस तरह हिंसक तरीके से मरते देखना बहुत व्यथित कर देने वाली घटना है और मुझे इस बारे में कोई संदेह नहीं है कि इस वीडियो को देखकर सभी शिकागो निवासियों का दिल भर आएगा.

द शिकागो ट्रिब्यून के अनुसार पिछले 30 से अधिक वर्षों में ऐसा पहली बार हुआ है कि शिकागो पुलिस के किसी अधिकारी पर ड्यूटी के दौरान हत्या के लिए पहली डिग्री का आरोप लगाया गया हो.

इनपुट- एएफपी

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