ड्रैगन से विवाद के बीच ऑस्ट्रेलिया पर सबसे बड़ा साइबर हमला, चीन पर शक की सुई

ऑस्ट्रेलिया में गुरुवार को साइबर अटैक हुआ, शुरुआती जांच में इसके लिए किसी विदेशी एजेंसी को दोषी माना जा रहा है. प्रधानमंत्री स्कॉट मॉरिसन ने देश के लोगों को इसके लिए सावधान किया है और कहा है कि डिजिटली कुछ भी करते हुए वे सतर्क रहें.

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ऑस्ट्रेलियाई प्रधानमंत्री स्कॉट मॉरिसन (AP) ऑस्ट्रेलियाई प्रधानमंत्री स्कॉट मॉरिसन (AP)

aajtak.in

  • नई दिल्ली,
  • 19 जून 2020,
  • अपडेटेड 11:00 AM IST

  • ऑस्ट्रेलिया में सबसे बड़ा साइबर हमला
  • एक्सपर्ट्स ने चीन की ओर किया इशारा

ऑस्ट्रेलियाई प्रधानमंत्री स्कॉट मॉरिसन ने गुरुवार को बताया कि ऑस्ट्रेलिया एक बड़े साइबर हमले का शिकार हुआ है. इस हमले में ऑस्ट्रेलिया की कई सरकारी और निजी कंपनियों की वेबसाइट, डेटा को निशाना बनाया गया है. अब ऑस्ट्रेलियाई सरकार और खुफिया एजेंसियां इसकी जांच में जुट गई हैं.

समाचार एजेंसी एपी के अनुसार, ऑस्ट्रेलिया में गुरुवार को साइबर अटैक हुआ, शुरुआती जांच में इसके लिए किसी विदेशी एजेंसी को दोषी माना जा रहा है. प्रधानमंत्री स्कॉट मॉरिसन ने देश के लोगों को इसके लिए सावधान किया है और कहा है कि डिजिटली कुछ भी करते हुए वे सतर्क रहें.

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प्रेस वार्ता में ऑस्ट्रेलियाई पीएम ने कहा कि देश के सरकारी, प्राइवेट, राजनीतिक, आर्थिक, शिक्षा और हेल्थ समेत सभी प्रमुख क्षेत्रों में साइबर अटैक किया गया है. पिछले कुछ महीनों से इसकी कोशिश की जा रही थी, लेकिन पिछले कुछ दिनों में ये काफी बढ़ गया है.

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ऑस्ट्रेलिया के रक्षा मंत्रालय और गृह मंत्रालय ने अब हर सेक्टर के लोगों को इसके लिए अलर्ट जारी किया है. साथ ही हर किसी को समझाया जा रहा है कि वो किस तरह इससे बच सकते हैं.

बता दें कि पिछले कुछ दिनों से ऑस्ट्रेलिया और चीन के बीच लगातार जुबानी जंग चल रही है, कोरोना संकट, नकली सामान और कई मसलों पर ऑस्ट्रेलिया लगातार चीन पर सवाल खड़े कर रहा है.

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इस बीच ऑस्ट्रेलिया पर साइबर हमला हो गया है, देश और दुनिया के कई एक्सपर्ट ने इस हमले के पीछे चीन की ओर इशारा किया है.

ऑस्ट्रेलिया ने बीते दिनों विवाद के चलते चीन को लेकर सख्त फैसले लिए थे, जिसमें बीफ एक्सपोर्ट पर रोक, टैरिफ को बढ़ाना समेत अपने नागरिकों को सावधान करना शामिल रहा. गौरतलब है कि इससे पहले अमेरिका कई बार चीन पर साइबर हमलों को लेकर आरोप लगा चुका है, जबकि चीन ने हर बार इन आरोपों को नकार दिया है.

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