अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद (ICC) ने रविवार को 10 खिलाड़ियों को 'हॉल ऑफ फेम' में शामिल किया. इन खिलाड़ियों में भारत के दिग्गज वीनू मांकड़ को भी जगह मिली. वीनू बाएं हाथ के स्पिन गेंदबाज थे और उनकी गिनती भारत के महान ऑलराउंडरों में होती है. वीनू को दूसरे विश्व युद्ध के बाद के दौर (1946-70) में शानदार प्रदर्शन करने के चलते यह सम्मान मिला है.
आईसीसी के 'हॉल ऑफ फेम' में जगह पाने वाले वह 7वें भारतीय खिलाड़ी हैं. उनसे पहले बिशन सिंह बेदी, कपिल देव, सुनील गावस्कर, अनिल कुंबले, राहुल द्रविड़ और सचिन तेंदुलकर का नाम इसमें शामिल किया जा चुका है. वीनू मांकड़ ने भारत के लिए 44 टेस्ट मैचों में 31.47 की औसत से 2,109 रन बनाए. इस दौरान उनके बल्ले से 5 शतक (2 दोहरे शतक शामिल) और 6 अर्धशतक निकले. साथ ही, उन्होंने गेंद से भी असाधारण प्रदर्शन करते हुए 162 विकेट चटकाए थे.
भारत की पहली टेस्ट जीत के रहे हीरो
1932 में टेस्ट क्रिकेट का सफर शुरू करने वाली टीम इंडिया को पहली जीत 1952 में मिली थी. चेपॉक में हुए उस मुकाबले में भारत ने इंग्लैंड को एक पारी और 8 रनों से पीटा था. उस मुकाबले में वीनू ने कुल 12 (8+4) विकेट चटकाकर इंग्लिश टीम की कमर तोड़ दी थी. उसी साल इंग्लैंड दौरे पर ओपनिंग करते हुए वीनू ने लॉर्ड्स में 72 और 184 रनों की पारियां खेली. साथ ही उन्होंने गेंद से भी करिश्माई प्रदर्शन करते हुए पांच विकेट भी लिये थे. हालांकि, भारत को उस मुकाबले में 8 विकेट से हार मिली थी. लेकिन वीनू ने अपने खेल से फैंस का दिल जीत लिया था.
52 वर्षों तक कायम रहा था रिकॉर्ड
1956 में वीनू मांकड़ ने पंकज रॉय के साथ मिलकर एक खास रिकॉर्ड बनाया था. न्यूजीलैंड के खिलाफ चेन्नई में दोनों ने 413 रनों की ओपनिंग पार्टनरशिप की थी, जो आज भी लोगों के जेहन में है. इस दौरान पंकज ने 173 और वीनू ने 231 रनों की पारी खेली थी. पंकज और वीनू का यह वर्ल्ड रिकॉर्ड 52 साल बाद 2008 में टूटा था. तब साउथ अफ्रीकी बल्लेबाज नील मैकेंजी और ग्रीम स्मिथ ने बांग्लादेश के खिलाफ पहले विकेट के लिए 415 रन जोड़ दिए थे.
...हर पोजिशन पर की बल्लेबाजी
वीनू मांकड़ ने टेस्ट क्रिकेट में पहले से लेकर 11वें नंबर तक बल्लेबाजी की थी. वीनू के अलावा इंग्लैंड के विल्फ्रेड रोड्स और ऑस्ट्रेलिया के एडवर्ड ग्रेगरी ही ऐसा अनोखा कारनामा कर पाए थे. दो अन्य भारतीय बल्लेबाज फारूख इंजीनियर और रवि शास्त्री ने टेस्ट क्रिकेट में 1-10 नंबर तक बल्लेबाजी की, लेकिन इन दोनों ने कभी 11वें नंबर पर बल्लेबाजी नहीं की.
... विवादों में घसीटे गए
1947 में वीनू मांकड़ ने ऑस्ट्रेलिया के बल्लेबाज बिल ब्राउन को रन आउट कर दिया था. वीनू मांकड़ बॉलिंग कर रहे थे, जैसे ही ब्राउन क्रीज से बाहर निकले, मांकड़ ने उन्हें रन आउट कर दिया. हालांकि वीनू ने ब्राउन को रन आउट करने से पहले चेतावनी भी दी थी. उस दौरे में मांकड़ ने ब्राउन को दो बार इसी तरह आउट किया था. क्रिकेट के नियमों के मुताबिक यह रन आउट जायज था. बावजूद इसके इस तरह के रन आउट को मांकड़िंग कहा जाने लगा. वीनू मांकड़ का 61 साल की उम्र में निधन (21 अगस्त, 1978) हुआ.
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