भारतीय सीनियर हॉकी टीम ही नहीं, जूनियर भी जबर्दस्त फॉर्म में हैं. पिछले रविवार को ढाका में भारतीय सीनियर टीम के बनने के तीन दिन बाद ही जूनियर टीम ने भी बड़ी कामयाबी हासिल की है. मलेशिया में खेले जा रहे सुल्तान जोहर कप टूर्नामेंट में भारतीय जूनियर पुरुष हॉकी टीम ने अमेरिका को 22-0 से पीट दिया. इस बड़ी जीत के साथ ही भारत ने टूर्नामेंट में लगातार तीसरी जीत दर्ज कर अपनी हैट्रिक पूरी की.
बुधवार को विशाल अंतर से इस जीत के बाद जूनियर टीम ने 85 साल पुरानी याद ताजा कर दी. 1932 के लॉस एंजेलिस ओलंपिक में भारतीय हॉकी टीम ने मेजबान अमेरिका को 24-1 से रौंद डाला था. तब 11 अगस्त को मेजर ध्यानचंद की कप्तानी में भारतीय टीम ने गोलों की झड़ी लगाई थी. रूप सिंह ने 10 और खुद ध्यानचंद ने 8 गोल किए थे. उस ओलंपिक में भारत ने जापान को 11-1 से हराकर लगातार दूसरी बार स्वर्ण पदक जीता था.
हरमनजीत सिंह इस मैच में सबसे ज्यादा 5 गोल दागे. अभिषेक ने 4, विशाल और दिलप्रीत ने 3-3 गोल अपने नाम किए. जबकि महिंद्र सिंह ने दो बार गेंद को नेट में पहुंचाया. प्रताप लाकड़ा, रबिचंद्रा मोइरांगथम, रोशन कुमार, शैलेंद्र लाकड़ा और विवेक प्रसाद ने भी 1-1 गोल किया.
गोलों की हैट्रिक लगाने वाले- विशाल अंतिल, दिलप्रीत सिंह, हरमनजीत सिंह और अभिषेक.
22 अक्टूबर को भारत ने जापान के खिलाफ 3-2 से जीत दर्ज कर अपने अभियान की शुरुआत की थी. इसके बाद मंगलवार को अपने दूसरे मैच में मलेशिया को 2-1 से हराया था. अमेरिका पर धमाकेदार जीत के बाद अब भारतीय जूनियर टीम गुरुवार को ऑस्ट्रेलिया भिड़ेगी. इसके बाद वह शनिवार को आखिरी लीग मैच में ग्रेट ब्रिटेन से खेलेगी.
Captain wishes the Indian Women’s Team the very best for the 9th beginning on 28th Oct.
विश्व मोहन मिश्र