क्या ब्रांड आईपीएल की चमक हो रही है धुंधली?

इंडियन प्रीमियर लीग (आईपीएल) के नौवें संस्करण की शुरुआत भले ही काफी अच्छी रही हो, लेकिन दुनिया के सबसे सफल खेल आयोजनों में से एक इस लीग की चमक धुंधली पड़ती नजर आ रही है.

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इंडियन प्रीमियर लीग 2016 इंडियन प्रीमियर लीग 2016

अभिजीत श्रीवास्तव

  • नई दिल्ली,
  • 25 अप्रैल 2016,
  • अपडेटेड 1:00 PM IST

इंडियन प्रीमियर लीग (आईपीएल) के नौवें संस्करण की शुरुआत भले ही काफी अच्छी रही हो, लेकिन दुनिया के सबसे सफल खेल आयोजनों में से एक इस लीग की चमक धुंधली पड़ती नजर आ रही है. क्रिकेट से जुड़े स्पॉट फिक्सिंग के विवादों का आईपीएल की लोकप्रियता पर काफी हद तक नकारात्मक प्रभाव पड़ा है. आईपीएल के छठे संस्करण में 2013 में भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआई) के पूर्व प्रमुख एन. श्रीनिवासन से मैच फिक्सिंग से जुड़े विवाद के कारण दो टीमों चेन्नई सुपर किंग्स और राजस्थान रॉयल्स पर दो साल के लिए प्रतिबंध लगाया गया था.

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बीसीसीआई ने हालांकि, आईपीएल में दो नई टीमों- राइजिंग पुणे सुपरजायंट्स, गुजरात लॉयन्स को नौवें संस्करण में शामिल कर इस कमी को पूरा करने की कोशिश की है, लेकिन ऐसी धारणा है कि इस खेल में बड़े पैमान पर मैच फिक्सिंग और भ्रष्टाचार के विवादों के कारण इसकी लोकप्रियता में कमी आई है. मैच फिक्सिंग और भ्रष्टाचार विवादों के कारण श्रीनिवासन को बीसीसीआई के अध्यक्ष पद से हाथ धोना पड़ा था और यह मामला रिटायर्ड जस्टिस आर.एम. लोढ़ा की अध्यक्षता वाली समिति के सामने गया. इसके बाद लोढा समिति ने कई सुझाव प्रस्तुत किए और अगर उन्हें लागू किया जाता, तो शायद भारत में इस खेल में व्यापक तौर पर बदलाव हो सकते थे, लेकिन बीसीसीआई और अन्य संगठनों समिति के कई सुझावों के खिलाफ है.


आईपीएल की लोकप्रियता की कमी के पीछे का एक कारण यह भी है कि भारत अब अंतरराष्ट्रीय स्तर पर इस फॉर्मेट का अधिक आयोजन करने लगा है और साथ ही इसमें पहले से बेहतर भी कर रहा है. हाल ही में ऑस्ट्रेलियाई दौरे से पहले दक्षिण अफ्रीका के साथ मेजबान के तौर पर टेस्ट मैचों की सीरीज खेलना और वर्ल्ड टी20 टूर्नामेंट के आयोजन से पहले एशिया कप जीतना. आईपीएल के नौवें संस्करण का आगाज वर्ल्ड टी20 के समापन के छह दिनों बाद ही तीन अप्रैल को हुआ.

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आईपीएल के दर्शकों की संख्या और मैचों के दौरान स्टेडियमों में लोगों की उपस्थिति की संख्या में कमी आना कोई नई बात नहीं है. इसके पहले संस्करण व्यापक तौर पर लोकप्रिय हुए थे, लेकिन धीरे-धीरे लोगों के दिमाग से इसका बुखार उतरने लगा है. आईपीएल की 2014 की सालाना रिपोर्ट के अनुसार, इसकी कमाई में 1,000 करोड़ (1.5 करोड़ डॉलर) की कमी आई है.


इन सबके अलावा, आईपीएल 2016 कई परेशानियों के कारण भी सुर्खियों में रहा है. महाराष्ट्र में पानी की कमी के कारण बम्बई हाई कोर्ट का मैचों के स्थानांतरण का आदेश देना. इसके बाद राजस्थान में एक पत्रकार महेश पारीख का राजस्थान हाई कोर्ट में जयपुर में आईपीएल मैचों की मेजबानी के खिलाफ याचिका दायर करना. इन मामले पर प्रतिक्रिया के लिए राजस्थान हाई कोर्ट ने बीसीसीआई और राज्य सरकार को नोटिस भेजते हुए एक सप्ताह का समय दिया है. इन परेशानियों को देखते हुए आईपीएल के अगले संस्करण के आयोजन के लिए बीसीसीआई को काफी सोच विचार करना होगा.


बीसीसीआई के सचिव अनुराग ठाकुर ने इस सप्ताह बताया था, ‘हर कोई बीसीसीआई पर ही निशाना साध रहा है. मैचों के स्थानांतरण से काफी नुकसान होगा, जिसकी भरपाई बोर्ड को करनी पड़ेगी. यह एक प्रकार से बुरे सपने की तरह है. हमें इसका हल ढूंढना होगा. 10वें संस्करण के मैचों के लिए स्थलों के मामले पर आईपीएल का संचालन परिषद जल्द ही मिलकर फैसला करेगा.’

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इन सब मामलों का हालांकि, आईपीएल के प्रायजकों पर कोई असर नहीं पड़ा है. पेप्सी ने मैच फिक्सिंग के बाद इस खेल से अपना अनुबंध समाप्त कर लिया है, लेकिन चीन की मोबाइल कंपनी वीवो ने इसकी भरपाई कर दी है.

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