'1956 ओलंपिक फाइनल में उंगली में फ्रैक्चर के बावजूद खेले थे बलबीर सिंह सीनियर'

फुटबॉलर तुलसीदास बलराम ने 1956 ओलंपिक फाइनल की बात याद करते हुए कहा कि भले ही बलबीर सिंह ने उस मैच में मिली जीत में गोल नहीं दागा था, लेकिन उनका जज्बा कमाल का था.

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Balbir Singh Sr (File Photo) Balbir Singh Sr (File Photo)

aajtak.in

  • नई दिल्ली,
  • 25 मई 2020,
  • अपडेटेड 9:52 PM IST

महान हॉकी खिलाड़ी बलबीर सिंह सीनियर पाकिस्तान के खिलाफ उंगली में फ्रैक्चर के बावजूद खेले थे. फुटबॉलर तुलसीदास बलराम ने 1956 ओलंपिक फाइनल की बात याद करते हुए कहा कि भले ही बलबीर सिंह ने उस मैच में मिली जीत में गोल नहीं दागा था, लेकिन उनका जज्बा कमाल का था.

अर्जुन अवॉर्डी दिग्गज बलराम उस भारतीय फुटबॉल टीम का हिस्सा थे, जिसने 1956 ओलंपिक में ऐतिहासिक चौथा स्थान हासिल किया था. उन्होंने याद करते हुए कहा कि बलबीर सिंह ने चिर प्रतिद्वंद्वी के खिलाफ फाइनल से पहले दर्द निवारक इंजेक्शन लिया था.

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तीन बार के ओलंपिक स्वर्ण पदक विजेता बलबीर सिंह का सोमवार को मोहाली के एक अस्पताल में निधन हो गया, वह 96 वर्ष के थे. बलराम ने अखिल भारतीय फुटबॉल महासंघ की आधिकारिक वेबसाइट पर लिखा, ‘1956 ओलंपिक की इतनी सारी यादें हैं, विशेषकर जिस तरीके से वह (बलबीर सिंह) इन सबसे आगे बढ़े थे, जिससे भारत ने फाइनल में पाकिस्तान को हराकर स्वर्ण पदक जीता था.’

उन्होंने लिखा, ‘बलबीर पाजी का समर्पण काबिलेतारीफ था. वह अपनी उंगली में प्लास्टर के बावजूद आए थे और उन्होंने मैच से पहले दर्द निवारक इंजेक्शन लिया था.’ भारत ने फाइनल में पाकिस्तान को 1-0 से हराकर स्वर्ण पदक की हैट्रिक बनाई.

84 साल के बलराम उस प्रसिद्ध भारतीय तिकड़ी के एकमात्र जिवित फुटबॉलर हैं, जिसमें चुन्नी गोस्वामी और पीके बनर्जी शामिल थे. दोनों दिग्गजों का इसी साल निधन हुआ है.

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