कमेंटेटर बने माइकल स्लेटर इंडियन प्रीमियर लीग (IPL) के जैव सुरक्षित वातावरण (बायो-बबल) को छोड़कर मालदीव चले गए हैं, क्योंकि ऑस्ट्रेलिया ने भारत में कोविड-19 के मामले बढ़ने के कारण वहां से उड़ानों को 15 मई तक निलंबित कर रखा है.
‘द ऑस्ट्रेलियन’ समाचार पत्र की रिपोर्ट के अनुसार स्लैटर मालदीव चले गए हैं, क्योंकि ऑस्ट्रेलियाई सरकार के स्पष्ट किया है कि आईपीएल में हिस्सा ले रहे ऑस्ट्रेलियाई खिलाड़ियों और अन्य को स्वदेश लौटने की व्यवस्था स्वयं करनी होगी.
मालदीव पहुंचने से पहले स्लेटर ने ट्विटर पर ऑस्ट्रेलिया के प्रधानमंत्री स्कॉट मॉरिसन को भारत से अपने देशवासियों को स्वदेश वापसी की अनुमति नहीं देने के लिए आड़े हाथों लेते हुए इसे अपमानजनक बताया था.
स्लेटर ने ट्वीट किया था, ‘यदि हमारी सरकार को ऑस्ट्रेलियाई नागरिकों की सुरक्षा की परवाह है तो वह हमें स्वदेश लौटने की अनुमति देगी. यह अपमानजनक है. किसी भी अनहोनी के लिए आप जिम्मेदार होंगे प्रधानमंत्री. हमारे साथ ऐसा व्यवहार करने का आपने साहस कैसा किया. आप कैसे पृथकवास प्रणाली को सुलझाते हैं. मुझे आईपीएल में काम करने के लिए सरकार ने अनुमति दी थी और अब सरकार नजरअंदाज कर रही है.’
मॉरिसन ने स्लेटर की टिप्पणी को ‘बेतुका’ करार दिया. उन्होंने ‘नाइन नेटवर्क’ से कहा, ‘यह पूरी तरह से बेतुका है. ऐसा अधिक से अधिक लोगों की सुरक्षित घर वापसी और ऑस्ट्रेलिया को तीसरी लहर से बचाने के लिए किया गया है.’
मॉरिसन ने कहा, ‘प्रत्येक प्रणाली को कुछ जटिलताओं का सामना करना पड़ता है और मैं यह प्रणाली नहीं तोड़ने वाला हूं. मैं जो करने जा रहा हूं और वह इस प्रणाली की सुरक्षा के लिए उचित कार्रवाई है, ताकि मैं अधिक ऑस्ट्रेलियाई लोगों को सुरक्षित घर पहुंचा सकूं और ऑस्ट्रेलियाई जनता को लंबे समय तक सुरक्षित रख पाऊं.’
ऑस्ट्रेलिया ने भारत में कोविड-19 के प्रकोप के कारण वहां से व्यावसायिक उड़ानों को प्रतिबंधित कर रखा है, जिससे आईपीएल में हिस्सा ले रहे सभी खिलाड़ियों, सहयोगी स्टाफ और कमेंटेटरों की समस्या बढ़ गई है.
ऑस्ट्रेलियाई सरकार ने अपने देश के नागरिकों के भारत से आने पर अस्थायी रोक लगा रखी है. यदि वे अपने आगमन से पहले 14 दिन के अंदर भारत में रहते हैं तो सरकार ने उनके लिए पांच साल जेल की सजा या भारी जुर्माने की चेतावनी दी है.
aajtak.in