'बृजभूषण ने मेरा उत्पीड़न किया था, मैं उन 6 पीड़ितों में शामिल...', विनेश फोगाट ने पूर्व WFI चीफ पर लगाए गंभीर आरोप

विनेश फोगाट, साक्षी मलिक और बजरंग पूनिया जैसे दिग्गज रेसलर्स ने दिल्ली के जंतर-मंतर पर विरोध प्रदर्शन किया था. उस दौरान पुलिस कार्रवाई और खिलाड़ियों के साथ हुए व्यवहार की अंतरराष्ट्रीय स्तर पर आलोचना हुई थी.

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विनेश फोगाट ने बृजभूषण शरण सिंह पर संगीन आरोप लगाए. (Photo: PTI) विनेश फोगाट ने बृजभूषण शरण सिंह पर संगीन आरोप लगाए. (Photo: PTI)

आजतक स्पोर्ट्स डेस्क

  • नई दिल्ली,
  • 03 मई 2026,
  • अपडेटेड 3:26 PM IST

विनेश फोगाट ने भारतीय कुश्ती जगत में एक बड़ा और चौंकाने वाला खुलासा करते हुए अपनी चुप्पी तोड़ दी है. इस ओलंपियन पहलवान ने पहली बार सार्वजनिक रूप से स्वीकार किया है कि वह उन छह महिला खिलाड़ियों में शामिल हैं, जिन्होंने भारतीय कुश्ती महासंघ (WFI) के पूर्व प्रमुख बृजभूषण शरण सिंह पर यौन उत्पीड़न के आरोप लगाए थे.

रविवार (3 मई) को जारी एक भावुक वीडियो संदेश में विनेश ने कहा कि वह अब तक अपनी पहचान उजागर नहीं करना चाहती थीं क्योंकि मामला अभी अदालत में लंबित है, साथ ही सुप्रीम कोर्ट के दिशा-निर्देश पीड़ितों की पहचान गोपनीय रखने की बात करते हैं. लेकिन मौजूदा हालात खासतौर पर उनकी वापसी में आ रही बाधाओं ने उन्हें यह कदम उठाने के लिए मजबूर कर दिया.

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विनेश फोगाट ने सीधे तौर पर डब्ल्यूएफआई पर सवाल उठाए. उनका आरोप है कि 2026 एशियन गेम्स से पहले होने वाले ट्रायल्स को जानबूझकर उत्तर प्रदेश के गोंडा में आयोजित किया जा रहा है, जो बृजभूषण शरण सिंह का गढ़ माना जाता है. उन्होंने कहा कि यह प्रतियोगिता एक निजी कॉलेज में कराई जा रही है, जिससे निष्पक्ष चयन की संभावना बेहद कम हो जाती है.

उन्होंने कहा, 'मैं खुद उन छह पीड़ितों में से एक हूं, जिन्होंने शिकायत दर्ज कराई थी और जिनकी गवाही अभी चल रही है. ऐसे माहौल में किसी खिलाड़ी के लिए पूरी क्षमता से प्रदर्शन करना बेहद मुश्किल है.' विनेश ने यह भी आरोप लगाया कि भले ही बृजभूषण शरण सिंह अब आधिकारिक पद पर नहीं हैं, लेकिन संघ के कामकाज पर उनका प्रभाव अब भी बना हुआ है. उन्होंने कहा कि मैचों में रेफरी कौन होगा और किसे कितने अंक मिलेंगे, इन सब पर उनके करीबी लोगों का असर हो सकता है.

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यह पूरा विवाद 2023 में उस वक्त सुर्खियों में आया था, जब विनेश फोगाट, साक्षी मलिक और बजरंग पूनिया जैसे शीर्ष पहलवानों ने दिल्ली के जंतर-मंतर पर लंबे समय तक धरना दिया था. उस दौरान खिलाड़ियों के साथ पुलिस की कार्रवाई ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी आलोचना झेली थी और अंतरराष्ट्रीय ओलंपिक समिति तक ने इस मामले पर चिंता जताई थी.

हालांकि, बृजभूषण शरण सिंह ने लगातार इन आरोपों से इनकार किया है. एक मामले में उन्हें राहत भी मिली, लेकिन विनेश फोगाट और अन्य महिला पहलवानों से जुड़े केस में यौन उत्पीड़न और पीछा करने जैसे गंभीर आरोपों पर सुनवाई अब भी जारी है.

करीब 18 महीने के ब्रेक के बाद विनेश फोगाट वापसी की तैयारी कर रही हैं. उन्होंने साफ कहा कि ऐसे माहौल में गोंडा जाकर मुकाबला करना उनके लिए मानसिक और भावनात्मक रूप से बेहद कठिन होगा. विनेश के इस खुलासे ने एक बार फिर भारतीय खेल तंत्र, खिलाड़ियों की सुरक्षा और कुश्ती संघ की पारदर्शिता पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं. अब नजरें इस बात पर हैं कि सरकार और खेल मंत्रालय पूरे मामले में क्या रुख अपनाते हैं.

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