टोक्यो पैरालंपिक (Tokyo Paralympics 2020) में भारतीय बैडमिंटन खिलाड़ी और गौतम बुद्ध नगर के डीएम सुहास एल यतिराज (Suhas L Yathiraj) गोल्ड से चूक गए. फाइनल में उन्हें वर्ल्ड नंबर-1 लुकास मजूर ने मात दी और उन्हें सिल्वर मेडल से संतोष करना पड़ा. इस पर सुहास की पत्नी ने कहा कि वो हमारे लिए जीत चुके हैं.
सुहास की पत्नी और गाजियाबाद की एडीएम ऋतु सुहास ने कहा, 'हमारे लिए वो जीत चुके हैं. उन्होंने बहुत अच्छा खेला और देश का नाम रोशन किया है. हमें उन पर गर्व है. ये पूरे देशवासियों के लिए हर्ष का विषय है.' उन्होंने ये भी कहा कि ये उनकी 6 साल की मेहनत का नतीजा है.
पीएम मोदी और सीएम योगी ने दी बधाई
सुहास की जीत पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Narendra Modi) और यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ (CM Yogi Adityanath) ने बधाई दी. पीएम मोदी ने डीएम सुहास के साथ तस्वीर साझा करते हुए लिखा कि ये खेल और सेवा का अद्भुत संगम है. उन्होंने लिखा, सुहास ने अपने असाधारण खेल की बदौलत हमारे देश की कल्पना पर कब्जा कर लिया है.
वहीं, सीएम योगी ने भी ट्वीट कर उन्हें जीत की बधाई दी. योगी ने लिखा कि उन्होंने रजत पदक जीतकर भारत की खेल प्रतिभा को वैश्विक पटल पर प्रतिष्ठित किया है. इससे देश के खिलाड़ियों को प्रेरणा मिलेगी.
वर्ल्ड नंबर-1 ने फाइनल में दी मात
सुहास को बैडमिंटन के पुरुष सिंगल्स एसएल4 फाइनल में फ्रांस के वर्ल्ड नंबर-1 लुकास मजूर ने 15-21, 21-17, 21-15 से हराया. 38 साल के सुहास ने पैरालंपिक के बैडमिंटन इवेंट में प्रमोद भगत के गोल्ड के बाद सिल्वर मेडल दिलाया. दुनिया के तीसरे नंबर के खिलाड़ी सुहास सेमीफाइनल में ग्रेट ब्रिटेन के वर्ल्ड नंबर-2 डेनियल बेथेल को 21-14, 21-17 से हराकर खिताबी मुकाबले में पहुंचे थे.
कौन हैं सुहास एल यतिराज?
कर्नाटक के शिमोगा में जन्मे सुहास एलवाई जन्म से ही दिव्यांग (पैरों में दिक्कत) है. वो कभी आईएएस अफसर नहीं बनना चाहते थे. उनकी हमेशा से खेलों में ही रुचि रही. 2005 में पिता के निधन के बाद सुहास ने यूपीएससी की तैयारी शुरू की. 2007 में वो आईएएस बने. यूपीएससी की परीक्षा पास कर सुहास आगरा, जौनपुर, सोनभद्र, आजमगढ़, हाथरस, महाराजगंज, प्रयागराज और गौतम बुद्ध नगर के डीएम बने. 2016 में उन्होंने इंटरनेशनल मैच खेलना शुरू किया.
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