फिट, फोकस्ड और फीयरलेस... क्या पीवी सिंधु 2026 में धमाकेदार कमबैक करेंगी?

पीवी सिंधु जनवरी के पहले हफ्ते में अपना 2026 का सीजन मलेशिया ओपन से शुरू कर रही हैं. पैर की चोट से मिली चार महीने की रिकवरी के बाद वह फिट, फोकस्ड और तैयार हैं. पिछले दो सालों में चोट और उतार-चढ़ाव ने उन्हें टॉप 10 से बाहर कर दिया, लेकिन उनका जोश बरकरार है.

Advertisement
पीवी सिंधु फिर धमाका करेंगी? (Photo, Getty) पीवी सिंधु फिर धमाका करेंगी? (Photo, Getty)

अक्षय रमेश

  • नई दिल्ली,
  • 06 जनवरी 2026,
  • अपडेटेड 1:43 PM IST

पिछले तीन साल में पहली बार पीवी सिंधु जनवरी के पहले हफ्ते में अपने सीजन की शुरुआत करने जा रही हैं. चार महीने की लंबी रिकवरी के बाद सिंधु 2026 का पहला मुकाबला मलेशिया ओपन में खेलेंगी, जो  प्रमुख सुपर 1000 टूर्नामेंट है. टूर्नामें 6 जनवरी से Bukit Jalil (कुआलालंपुर) में शुरू हो चुका है..

2025 में उनका ब्रेक बिल्कुल गलत समय पर आया. वह अपनी लय पा रही थीं और विश्व चैम्पियनशिप क्वार्टर फाइनल तक पहुंचीं, जहां उन्होंने विश्व नंबर 2 वांग झी यी को हराया, लेकिन उनका शरीर साथ नहीं दे पाया.

Advertisement

पिछला साल दो बार की ओलंपिक पदक विजेता सिंधु के लिए चुनौतीपूर्ण रहा. उन्होंने सीजन 11-15 के असामान्य जीत-हार रिकॉर्ड के साथ पूरा किया. पिछले दो सालों में चोटें और उतार-चढ़ाव भरी फॉर्म ने उन्हें दुनिया के टॉप 10 से बाहर कर दिया. फिर भी, 30 साल की खिलाड़ी ने हार मानने का नाम नहीं लिया. उन्होंने स्पष्ट किया कि उनका जोश अभी भी बरकरार है, और उनका लक्ष्य लॉस एंजेलिस 2028 में अपना तीसरा ओलंपिक पदक जीतना है.

'आग' अभी भी जल रही है

सिंधु के पास साबित करने के लिए कुछ बाकी नहीं है... दो ओलंपिक और पांच विश्व चैम्पियनशिप पदक उनके नाम हैं. लेकिन महान बनने के लिए निरंतर मेहनत की जरूरत होती है. 2024 के अंत में सैयद मोदी इंटरनेशनल जीतने के बाद बीडब्ल्यूएफ टूर का कोई खिताब उन्हें अभी तक नहीं मिला है.

Advertisement

2026 का सीजन बेहद अहम है. सिंधु कई बड़े टूर्नामेंट में भारतीय चुनौती का नेतृत्व करेंगी, जिसमें ऑल इंग्लैंड ओपन, एशियाई खेल, और 16 साल बाद भारत में लौट रही विश्व चैम्पियनशिप शामिल हैं.

वर्तमान में विश्व रैंकिंग 18 पर रहने वाली सिंधु ने अपनी रिकवरी बहुत ध्यान से की है.कोच इरवांस्याह अदी प्रतमा (Irwansyah Adi Pratama) मार्गदर्शन में उन्होंने सेंट्रल फॉर बैडमिंटन एक्सीलेंस (CBE) में जूनियर पुरुष खिलाड़ियों के साथ ट्रेनिंग करके खुद को परखा है. पूर्व भारतीय अंतरराष्ट्रीय और CBE के सह-संस्थापक विमल कुमार उनके फॉर्म और फिटनेस को लेकर आशावादी हैं.

विमल कुमार कहते हैं, 'वह अच्छी स्थिति में हैं. उनके कोच, इरवांस्याह उन्हें कड़ी ट्रेनिंग दे रहे हैं. जूनियर लड़कों के साथ अकादमी में ट्रेनिंग कर रही हैं. उनकी टीम फिजियो और ट्रेनर सब उनके रिकवरी से खुश हैं.'

मलेशिया में आसान ड्रॉ

Bukit Jalil का ड्रॉ उनके लिए काफी अनुकूल रहा. सिंधु विश्व नंबर 31 सुंग शुओ यून के खिलाफ अपने पहले मुकाबले में उतरेंगी. अगर वह जीतती हैं, तो उनका सामना आठवें सीड टोमोका मियाजाकी, पूर्व जूनियर विश्व चैम्पियन से होगा. विश्व चैम्पियन आकाने यामागुची उनके क्वार्टर में हैं, लेकिन सिंधु ने विश्व नंबर 1 एन से यंग के साथ जल्दी मुकाबले से बचकर शानदार रणनीति अपनाई है.

Advertisement

विमल कुमार ने कहा, 'मुकाबले का अभ्यास अभी कम है. लेकिन अच्छा ड्रॉ मिलने से यह फायदेमंद होगा. अनुभव के दम पर वह इसे संभाल सकती हैं. अच्छा शुरुआत जरूरी है. अभ्यास में मैच का अनुभव नहीं मिलता और वह बहुत ताजगी में हैं, जो एक बड़ा फायदा है.'

क्या मानसिक बाधा है?

शारीरिक फिटनेस के अलावा, सिंधु का ध्यान अब रणनीति और स्पष्टता पर है. पिछले 12 महीनों में उन्होंने अपने कोचिंग ढांचे को स्थिर करने की कोशिश की है और महिला सिंगल्स के बदलते खेल के मुताबिक अपनी तकनीक को सुधारती रही हैं.'

विमल कुमार का कहना है कि सबसे बड़ी चुनौती महत्वपूर्ण क्षणों में निर्णायक होना है-  'उन्हें कोर्ट पर खुद को बेहतर तरीके से लागू करना होगा, मौके का फायदा उठाना होगा. कई बार ऐसा लगता है कि कुछ उन्हें रोक रहा है- जरूरत पड़ने पर हमला नहीं कर रही हैं और लंबी रैलियां खेल रही हैं.उन्हें लय ढूंढनी होगी और थोड़ी स्वतंत्रता से खेलना होगा. अभ्यास में वह काफी अच्छी दिख रही थीं.'

उम्र केवल एक संख्या है

30 की उम्र में सिंधु एक अनुभवी खिलाड़ी हैं, जबकि खेल में तीव्र फुर्ती और प्रतिक्रिया की मांग है. उनके साथी खिलाड़ियों में रैचानॉक इंतानोन (30) और यामागुची (28) अभी भी टॉप 20 में हैं. कैरोलिना मारिन चोट के चक्र से जूझ रही हैं और नोजोमी ओकुहारा विश्व नंबर 30 पर हैं.

Advertisement

विमल का मानना है कि वर्तमान में महिला सर्किट में टॉप पर खाली जगह सिंधु के लिए अवसर है. उन्होंने कहा, 'महिला फील्ड अब उतनी चुनौतीपूर्ण नहीं रही. कुछ युवा खिलाड़ी उतने तेज नहीं हैं. केवल एन से यंग (An Se Young) वास्तव में डोमिनेट कर रही हैं. वांग नंबर 2, कभी-कभी अच्छा खेल रही हैं. अन्य चीनी खिलाड़ी मजबूत नहीं दिखते. टॉप लेवल में बड़ा गैप है. अनुभव के साथ सिंधु अन्य खिलाड़ियों से बेहतर दिखती हैं.'

सिंधु 2026 में अपनी वर्कलोड मैनेजमेंट कर रही हैं, लेकिन एक टूर्नामेंट विशेष रूप से महत्वपूर्ण है- ऑल इंग्लैंड ओपन. विमल कुमार ने कहा, 'मैंने उनसे कहा कि कुछ टूर्नामेंट हैं, जिनमें उनका प्रदर्शन अच्छा नहीं रहा. उदाहरण के लिए ऑल इंग्लैंड ओपन. उन्होंने विश्व चैम्पियनशिप और टूर फाइनल्स जीते हैं. अब वह इन बड़े टूर्नामेंट्स को टारगेट कर सकती हैं.'

सिंधु हमेशा बड़े मंच पर अपनी प्रतिभा दिखाने में माहिर रही हैं. लेकिन 30 की उम्र में मांगें बढ़ गई हैं और अंतर बेहद छोटा है. मलेशिया में अच्छी शुरुआत उन्हें दो साल से गायब विश्वास और आत्मविश्वास वापस दिला सकती है और अगले हफ्ते नई दिल्ली में इंडिया ओपन के लिए सही मंच तैयार कर सकती है.


 

---- समाप्त ----

Read more!
Advertisement

RECOMMENDED

Advertisement