टी20 वर्ल्ड कप 2026 में जिम्बाब्वे ने ऑस्ट्रेलिया को 23 रनों से हराकर बड़ा उलटफेर किया और इसी पर वीरेंद्र सहवाग ने इंस्टाग्राम पर मजाकिया अंदाज में ‘लकी चार्म’ वाला कमेंट कर दिया. उन्होंने 1983 और 2007 का जिक्र करते हुए इशारा किया कि जब-जब जिम्बाब्वे ने ऑस्ट्रेलिया को हराया, भारत ने वर्ल्ड कप जीता.
... लेकिन इस बार की जीत सिर्फ संयोग या इतिहास की पुनरावृत्ति नहीं थी- इसके पीछे ठोस क्रिकेटिंग वजहें थीं.
ब्रायन बेनेट की परिपक्व पारी: 64* रनों का असली वजन
- सलामी बल्लेबाज ब्रायन बेनेट ने 64* रनों की नाबाद पारी खेली, जो सिर्फ आंकड़ा नहीं, बल्कि मैच की धुरी थी. ऑस्ट्रेलिया ने पहले गेंदबाजी चुनी, लेकिन बेनेट ने शुरुआत से ही स्ट्राइक रोटेट की. बीच के ओवरों में जोखिम भरे शॉट्स से बचते हुए स्कोरबोर्ड को चलाते रहे.
आखिरी ओवरों में तेजी लाई, जिससे टीम 169/2 तक पहुंची.
टी20 में 170 का टारगेट औसत लग सकता है, लेकिन बड़े टूर्नामेंट के दबाव में यह ‘चुनौतीपूर्ण’ बन जाता है- खासकर तब, जब पिच में हल्की उछाल और सीम मूवमेंट हो.
मुजरबानी-इवांस की घातक जोड़ी
लंबे कद के तेज गेंदबाज ब्लेसिंग मुजरबानी (4-0-17-4) ने नई गेंद से ऑस्ट्रेलियाई टॉप ऑर्डर पर सीधा वार किया. उनकी अतिरिक्त उछाल ने बल्लेबाजों को असहज रखा. हार्ड लेंथ और सीम पोजिशन ने रन गति रोकी. दूसरी ओर ब्रैड इवांस (3.3-0- 23-3) ने मिडिल ओवरों में विकेट निकालकर मैच का रुख मोड़ दिया.
ऑस्ट्रेलिया 170 के लक्ष्य का पीछा करते हुए 19.3 ओवरों में 146 पर सिमट गई. नियमित अंतराल पर विकेट गिरते रहे, जिससे साझेदारी नहीं बन सकी. 23 रनों की जीत बताती है कि जिम्बाब्वे ने मैच पर नियंत्रण बनाए रखा- यह आखिरी ओवर का रोमांच नहीं, बल्कि योजनाबद्ध दबदबा था.
सहवाग का कमेंट: मजाक में छिपा संदेश
सहवाग ने 1983 और 2007 का जिक्र कर यह याद दिलाया कि उन दोनों वर्ल्ड कप अभियानों में जिम्बाब्वे ने ऑस्ट्रेलिया को हराया था और अंत में भारत चैम्पियन बना था. अब 2026 में फिर जिम्बाब्वे ने ऑस्ट्रेलिया को मात दी है, तो सहवाग ने इसे “लकी चार्म” बताते हुए मजाकिया अंदाज में डिनर देने की बात कह दी.
सोशल मीडिया पर यह पोस्ट तेजी से वायरल हो रहा है और फैन्स भी कमेंट सेक्शन में 1983 और 2007 की यादें ताजा कर रहे हैं. कई यूजर्स ने इसे 'शुभ संकेत' बताया, तो कुछ ने लिखा - 'इतिहास खुद को दोहराएगा क्या?'
सहवाग का यह पोस्ट न सिर्फ जिम्बाब्वे की ऐतिहासिक जीत की तारीफ है, बल्कि भारतीय फैन्स की उम्मीदों को भी हवा देता नजर आ रहा है.
सहवाग का 'We owe you dinner' (डिनर का न्योता दे दिया) वाला कमेंट भले ही हल्के-फुल्के अंदाज में था, लेकिन जिम्बाब्वे ने क्रिकेट जगत को याद दिला दिया कि टी20 में नाम नहीं, प्रदर्शन बोलता है.लेकिन इसके पीछे एक बड़ी बात छिपी है -
अंडरडॉग की जीत बड़े टूर्नामेंट की दिशा बदल देती है.
ग्रुप स्टेज में ऐसी हार किसी भी दिग्गज टीम का नेट रन रेट और आत्मविश्वास दोनों हिला सकती है.
... और आखिर में ऑस्ट्रेलिया की हार की बड़ी वजह
चोटों से जूझता ऑस्ट्रेलिया, समीकरण बिगड़े
यह हार ऑस्ट्रेलिया के लिए महज एक मैच गंवाने से ज्यादा भारी साबित हो सकती है. टीम पहले से ही चोटिल खिलाड़ियों की समस्या से जूझ रही है, जिससे संयोजन प्रभावित हुआ है. प्रमुख खिलाड़ियों की अनुपस्थिति या आधी फिटनेस ने संतुलन बिगाड़ा है- बल्लेबाजी में स्थिरता नहीं दिखी और गेंदबाजी में डेथ ओवरों की धार कम रही.
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