U-19 वर्ल्ड कप फाइनल में शुक्रवार को वैभव सूर्यवंशी का सेंचुरी सेलिब्रेशन चर्चा का विषय रहा.शतक जड़ने के बाद उन्होंने बल्ला लहराया और भगवान को याद किया. U-19 वर्ल्ड कप फाइनल जैसे बड़े मंच पर 14 साल के वैभव सूर्यवंशी ने जो कर दिखाया, वह लंबे समय तक याद रखा जाएगा. इंग्लैंड के खिलाफ खिताबी मुकाबले में भारतीय ओपनर ने न सिर्फ रिकॉर्ड तोड़े, बल्कि अपनी निडर बल्लेबाजी से क्रिकेट जगत का ध्यान अपनी ओर खींच लिया.
मैच की पहली गेंद से ही वैभव के इरादे साफ थे. उन्होंने संयम और आक्रामकता का शानदार संतुलन दिखाते हुए महज 55 गेंदों में अपना शतक पूरा किया. यह U-19 वर्ल्ड कप इतिहास का दूसरा सबसे तेज शतक रहा, उनसे तेज सिर्फ ऑस्ट्रेलिया के विल मलाजुक (51) रहे हैं.
शतक पूरा करने के बाद वैभव का सेलिब्रेशन भी खास रहा. वैभव के सेंचुरी सेलिब्रेशन में जोश दिखा, हेलमेट और ग्लव्स उतारकर मैदान पर उन्होंने प्रार्थना की, मानों भगवान को धन्यवाद कह रहे हों, इसके बाद ड्रेसिंग रूम में खूब तालियां बजीं. यह पल सोशल मीडिया पर वायरल हो गया.
वैभव ने पहले 32 गेंदों में अर्धशतक पूरा किया और फिर गियर बदलते हुए अगली 50 रन सिर्फ 23 गेंदों में जोड़ दिए. इस दौरान इंग्लैंड के गेंदबाज पूरी तरह बेबस नजर आए. उन्होंने कप्तान आयुष म्हात्रे के साथ 142 रनों की तेज साझेदारी की. म्हात्रे ने संयमित अर्धशतक जमाया, जबकि वैभव लगातार रन बरसाते रहे.
अंततः वैभव 80 गेंदों में 175 रन बनाकर आउट हुए. उनकी पारी में 15 चौके और 15 छक्के शामिल थे. 26वें ओवर में उनका विकेट गिरने से इंग्लैंड को थोड़ी राहत मिली, लेकिन तब तक भारत बेहद बड़े स्कोर की नींव रख चुका था.
वैभव के पवेलियन लौटते वक्त पूरा स्टेडियम खड़ा हो गया. भारत ने उनके दम पर 9 विकेट पर 411 रन का विशाल स्कोर खड़ा किया. बीते कुछ वर्षों में वैभव का ग्राफ तेजी से ऊपर गया है. उन्होंने U-19 डेब्यू पर शतक जड़ा, IPL में पहली ही गेंद पर छक्का और अब वर्ल्ड कप फाइनल में ऐतिहासिक पारी खेली. कुल मिलाकर वैभव के रूप में भारतीय क्रिकेट को एक और चमकता सितारा मिल चुका है.
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