‘सेट हो जाओ तो छोड़ना मत...’, कोच मनीष ओझा की एक सलाह से U-19 फाइनल में आया वैभव सूर्यवंशी का तूफानी शतक

U-19 वर्ल्ड कप फाइनल से पहले कोच मनीष ओझा का WhatsApp मैसेज वैभव सूर्यवंशी के लिए टर्निंग पॉइंट बना. पुल शॉट में छोटी तकनीकी सलाह के बाद वैभव ने इंग्लैंड के खिलाफ 55 गेंदों में शतक जड़ते हुए 175 रन की ऐतिहासिक पारी खेली और इतिहास रच दिया.

Advertisement
वैभव सूर्यवंशी ने अंडर 19 वर्ल्ड कप फाइनल में खेली 175 रनों की प्रचंड पारी (Photo: Getty) वैभव सूर्यवंशी ने अंडर 19 वर्ल्ड कप फाइनल में खेली 175 रनों की प्रचंड पारी (Photo: Getty)

aajtak.in

  • हरारे ,
  • 06 फरवरी 2026,
  • अपडेटेड 7:24 PM IST

U-19 वर्ल्ड कप फाइनल से पहले वैभव सूर्यवंशी के फोन पर आया एक WhatsApp मैसेज उनकी जिंदगी की सबसे यादगार पारी की नींव बन गया. यह मैसेज उनके बचपन के कोच मनीष ओझा ने भेजा था. मैसेज शिकायत के लहजे में जरूर था, लेकिन भरोसे से भी भरा हुआ था. 

अफगानिस्तान के खिलाफ सेमीफाइनल में 68 रन बनाने के बाद ओझा ने वैभव से कहा- ये शायद पहला टूर्नामेंट होगा, जिसमें तुम्हारा एक भी शतक नहीं होगा, फाइनल में अगर सेट हो जाओ, तो छोड़कर मत आना. यही शब्द वैभव के दिमाग में बैठ गए. 
यह भी पढ़ें: 110 छक्के, 1400+ रन... वैभव सूर्यवंशी ने U-19 क्रिकेट में लिख दी नई रिकॉर्डकथा, बने ये माइलस्टोन

Advertisement

PTI की र‍िपोर्ट के मुताब‍िक कोच ओझा ने बताया कि यह मैसेज सिर्फ बड़ी पारी खेलने की बात नहीं थी, बल्कि उसमें एक अहम तकनीकी सुधार भी छिपा था. वैभव को पुल शॉट खेलते समय दिक्कत आ रही थी. उनका सिर पीछे की ओर झुक रहा था और बैक नी (प‍िछला घुटना) थोड़ी गिर जा रही थी, जिससे ऑफ स्टंप के बाहर आती शॉर्ट गेंदों पर टॉप एज लग रहा था.

ओझा ने समझाया कि शरीर पर आने वाली गेंदों पर यह पोजीशन ठीक है, लेकिन ऑफ स्टंप के बाहर से पुल शॉट खेलने के लिए सिर सीधा या गेंद की ओर होना जरूरी है, ताकि पूरा आर्म एक्सटेंशन मिले और शॉट में ताकत आए.
यह भी पढ़ें: 'भारतीय क्रिकेट की नई उम्मीद...', वैभव सूर्यवंशी की ऐतिहासिक इनिंग्स देख गदगद हुए CM नीतीश कुमार

Advertisement

शुक्रवार (6 फरवरी) को इंग्लैंड के  ख‍िलाफ अंडर 19 वर्ल्ड कप फाइनल में  वैभव ने इस सलाह को पूरी तरह अमल में उतारा. नतीजा इंग्लैंड के खिलाफ 15 चौके और 15 छक्कों की मदद से सिर्फ 55 गेंदों में शतक, जो U-19 वर्ल्ड कप इतिहास का दूसरा सबसे तेज शतक बना. उन्होंने 80 गेंदों पर 175 रन की ऐतिहासिक पारी खेली.

महज 14 साल के वैभव पहले ही सीनियर लेवल पर चार शतक लगा चुके हैं. इनमें तीन T20 में (जिसमें एक IPL शतक शामिल है) और एक विजय हजारे ट्रॉफी में. कोच ओझा मानते हैं कि उनकी निरंतरता और परिपक्वता तेजी से बढ़ी है.
यह भी पढ़ें: वैभव सूर्यवंशी ने रचा इतिहास... अंग्रेजों के खिलाफ फाइनल में जड़ा यादगार शतक, फोड़ डाले कई रिकॉर्ड्स

हालांकि इतनी चर्चा और सफलता के बावजूद, कोच और परिवार दोनों इस बात को नहीं भूलते कि वैभव अभी बच्चा है. घरेलू टूर्नामेंटों के दौरान माता-पिता और कोच का साथ, लगातार क्रिकेट और सीमित खाली समय, यही उन्हें ग्लैमर से दूर रखे हुए है. कोच ओझा कहते हैं- आखिर बच्चा ही तो है. लेकिन ऐसा बच्चा, जिसने पूरी क्रिकेट दुनिया को चौंका दिया है.

 

---- समाप्त ----

Read more!
Advertisement

RECOMMENDED

Advertisement