आईसीसी मेन्स टी20 वर्ल्ड कप 2026 में भारत के खिलाफ मुकाबले से पहले पाकिस्तानी स्पिनर उस्मान तारिक के गेंदबाजी एक्शन को लेकर खूब चर्चा चल रही है. अब पूर्व भारतीय कप्तान सुनील गावस्कर ने पूरे मामले में बड़ा बयान दिया है. उन्होंने साफ कहा कि तारिक की गेंदबाजी में कुछ भी गैरकानूनी नहीं है और भारतीय बल्लेबाजों को उनसे ज्यादा परेशानी होने की जरूरत नहीं है.
28 वर्षीय ऑफ स्पिनर उस्मान तारिक अब तक चार टी20 इंटरनेशनल मैचों में 11 विकेट ले चुके हैं. इस दौरान उनकी इकॉनमी रेट 5.93 रही है, जो टी20 क्रिकेट में शानदार माना जाता है. उस्मान के रुक-रुक कर गेंदबाजी करने के तरीके को लेकर क्रिकेट जगत में काफी चर्चा हो रही है.
तारिक का एक्शन मुरलीधरन जैसा!
उस्मान तारिक के अनोखे एक्शन की तुलना श्रीलंकाई दिग्गज मुथैया मुरलीधरन से की जा रही है, जिसकी मुख्य वजह उनकी अतिलचीली कोहनी है. उस्मान को लेकर दिग्गजों की राय बंटी हुई है. तारिक गेंद फेंकने से पहले रुकते हैं, जिसके चलते पूर्व इंग्लैंड कप्तान केविन पीटरसन ने पाकिस्तानी स्पिनर सवाल उठाए थे, जबकि भारतीय ऑफ स्पिनर रविचंद्रन अश्विन ने इसे नियमों के अनुरूप बताया था.
सुनील गावस्कर ने इंडिया टुडे से बातचीत में कहा कि गेंदबाज के रुककर गेंद डालने पर कोई प्रतिबंध नहीं है, ठीक वैसे ही जैसे बल्लेबाज गेंदबाज के बॉल फेंकने से मूवमेंट कर सकता है. उनके मुताबिक कई लोग बिना नियम समझे बयान दे रहे हैं. गावस्कर ने यह भी कहा कि हाल के अभ्यास सत्र में पाकिस्तानी बल्लेबाजों को भी तारिक को खेलने में ज्यादा परेशानी नहीं हुई, इसलिए भारतीय बल्लेबाजों को भी ज्यादा दिक्कत नहीं होगी.
सुनील गावस्कर ने यह भी जोड़ा कि टी20 क्रिकेट में बल्लेबाज खास गेंदबाज को निशाना बनाते हैं और यहां ज्यादा फर्क शॉट चयन से पड़ता है, ना कि गेंदबाज की मिस्ट्री से. उन्होंने कहा कि अगर बल्लेबाज सीधे खेलेंगे तो ज्यादा सफल रहेंगे, जबकि गलत शॉट खेलने पर आउट होने की संभावना बढ़ती है.
पूर्व अंतरराष्ट्रीय अंपायर अनिल चौधरी ने भी उस्मान तारिक के एक्शन को पूरी तरह वैध बताया. उनके अनुसार तारिक हर गेंद एक ही तरीके से डालते हैं और आईसीसी के दिशा-निर्देशों के मुताबिक उनके हाथ में अवैध मोड़ नहीं है. भारत और पाकिस्तान की टीमें ग्रुप-ए मैच के लिए 15 फरवरी को कोलंबो में आमने-सामने होंगी. इस मुकाबले को लेकर फैन्स में जबरदस्त उत्साह बना हुआ है.
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