'हम कुछ नहीं कर सकते....', भारत संग मैच ना खेलने के फैसले पर पाकिस्तानी कप्तान का रिएक्शन

आईसीसी पुरुष टी20 वर्ल्ड कप 2026 में पाकिस्तानी टीम भारत के खिलाफ ग्रुप मुकाबले में हिस्सा नहीं लेगी. अब पाकिस्तान सरकार के इस फैसले पर कप्तान सलमान अली आगा ने रिएक्शन दिया. सलमान ने कहा कि ये फैसला पाकिस्तान सरकार का है.

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पाकिस्तान के टी20 कप्तान सलमान आगा और सूर्यकुमार यादव (Photo: PTI) पाकिस्तान के टी20 कप्तान सलमान आगा और सूर्यकुमार यादव (Photo: PTI)

aajtak.in

  • लाहौर,
  • 01 फरवरी 2026,
  • अपडेटेड 11:44 PM IST

पाकिस्तान की व्हाइट बॉल टीम के कप्तान सलमान आगा ने भारत के खिलाफ टी20 वर्ल्ड कप 2026 का ग्रुप मैच ना खेलने के फैसले पर अपनी प्रतिक्रिया दी है. रविवार (1 फरवरी) को पाकिस्तान सरकार ने साफ कर दिया कि उसकी टीम टूर्नामेंट में हिस्सा तो लेगी, लेकिन ग्रुप स्टेज में 15 फरवरी को भारत के खिलाफ होने वाला मुकाबला नहीं खेलेगी. यह फैसला ICC की ओर से बांग्लादेश को टूर्नामेंट से बाहर किए जाने के बाद आया.

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बांग्लादेश ने सुरक्षा कारणों का हवाला देते हुए भारत में खेलने से इनकार कर दिया था. ICC ने उनकी मांग खारिज करते हुए बांग्लादेश की जगह स्कॉटलैंड को टूर्नामेंट में शामिल कर लिया. सलमान अली आगा ने कहा कि यह फैसला खिलाड़ियों के हाथ में नहीं है और टीम को सरकार और पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड (PCB) के निर्देशों का पालन करना होगा. उन्होंने साफ किया कि खिलाड़ी व्यक्तिगत रूप से कोई फैसला नहीं ले सकते.

सलमान ने क्या कहा?
सलमान अली आगा ने ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ तीसरे टी20 मैच के बाद प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा, 'हां, बिल्कुल हम जाएंगे. लेकिन यह फैसला हमारा नहीं है. हम इसमें कुछ नहीं कर सकते. सरकार और हमारे चेयरमैन जो भी निर्देश देंगे, हमें वही मानना होगा. हम उसी के अनुसार कदम उठाएंगे.'

पाकिस्तान और भारत के बीच यह मुकाबला 15 फरवरी 2026 को कोलंबो के आर. प्रेमदासा स्टेडियम में खेला जाना है. पाकिस्तान ग्रुप-ए में भारत, नामीबिया, नीदरलैंड्स और अमेरिका के साथ शामिल है.  टीम के सभी मैच श्रीलंका में खेले जाने हैं, जो भारत के साथ टूर्नामेंट का सह-मेजबान है. अगर पाकिस्तान 15 फरवरी को भारत के खिलाफ मैदान पर नहीं उतरता है, तो ICC नियमों के तहत यह मैच फॉरफिट (वॉकओवर) माना जाएगा.

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इससे पाकिस्तान को सीधे दो अंक का नुकसान होगा और उसका नेट रन रेट भी प्रभावित होगा. ICC के प्लेइंग कंडीशंस के क्लॉज 16.10.7 के मुताबिक ऐसी स्थिति में मैच छोड़ने वाली टीम के पूरे ओवर गिने जाते हैं, जबकि विरोधी टीम के नेट रन रेट पर कोई असर नहीं पड़ता. सूत्रों के मुताबिक, ICC पाकिस्तान पर आगे चलकर सख्त कार्रवाई कर सकता है. इसमें PSL में विदेशी खिलाड़ियों के NOC पर रोक, राजस्व में कटौती और भविष्य में ICC टूर्नामेंट की मेजबानी छिनने जैसे कदम शामिल हो सकते हैं.

क्या पहले भी टीमों ने किया बायकॉट?
वर्ल्ड कप में मैच न खेलने की घटनाएं पहले भी हो चुकी हैं. 1996 वर्ल्ड कप में ऑस्ट्रेलिया और वेस्टइंडीज ने सुरक्षा कारणों से श्रीलंका का दौरा नहीं किया था. 2003 वर्ल्ड कप में इंग्लैंड ने राजनीतिक कारणों से जिम्बाब्वे के खिलाफ खेलने से इनकार किया था. उसी टूर्नामेंट में न्यूजीलैंड ने केन्या के खिलाफ नैरोबी में होने वाला मैच नहीं खेला था. हालांकि, इनमें से कोई भी मामला इतना बड़ा और पहले से घोषित बहिष्कार नहीं था, जैसा अब भारत-पाकिस्तान मैच को लेकर सामने आया है.

PCB और BCCI के रिश्ते लंबे समय से तनावपूर्ण रहे हैं. 2025 की ICC चैम्पियंस ट्रॉफी के लिए भारतीय टीम ने पाकिस्तान जाने से इनकार कर दिया था. इसके बाद एशिया कप 2025 में पहलगाम आतंकी हमले के बाद भारतीय खिलाड़ियों द्वारा पाकिस्तान से हाथ न मिलाने की घटना ने तनाव और बढ़ा दिया. बांग्लादेश द्वारा भारत ना जाने के फैसले के बाद पाकिस्तान ने उनके मैचों की मेजबानी की पेशकश भी की थी, लेकिन ICC ने इसे ठुकरा दिया. PCB ने अपनी यात्रा योजना को लेकर भी आखिरी वक्त तक फैसला टालकर हालात को और गंभीर बना दिया.

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