IPL: हैदराबाद की जीत में राशिद का जोश ही नहीं, केन की कप्तानी भी लाजवाब

केन विलियमसन ने इस बार चुतर कप्तानी की और सही वक्त पर सही खिलाड़ियों का इस्तेमाल कर हैदराबाद को फाइनल का टिकट दिला दिया.

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केन विलियमसन (फोटो: BCCI) केन विलियमसन (फोटो: BCCI)

अनुग्रह मिश्रा

  • नई दिल्ली,
  • 26 मई 2018,
  • अपडेटेड 12:00 PM IST

क्रिकेट टीम गेम है, लेकिन कभी भी कोई एक खिलाड़ी मैच का रुख बदल सकता है. बावजूद इसके बीती रात खेले गए हैदराबाद और कोलकाता के बीच कड़े मुकाबले में किसी एक खिलाड़ी के प्रदर्शन को उसके कप्तान का साथ और भरोसा ही ऊपर तक पहुंचा सकता है जैसा कि राशिद खान के साथ हुआ. 

हर मैच में अपने बल्ले से टीम को जीत दिलाने वाले केन विलियमसन ने इस बार चुतर कप्तानी की और सही वक्त पर सही खिलाड़ियों का इस्तेमाल कर हैदराबाद को फाइनल का टिकट दिला दिया. पहली पारी में बल्ले से फ्लॉप रहे केन ने लक्ष्य को सुरक्षित करने के लिए ऐसी रणनीति बनाई, जिसके सामने बड़े बल्लेबाजों की फौज वाली केकेआर भी पस्त हो गई.

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आखिरी ओवर में राशिद खान की आतिशी पारी को छोड़ दें, तो हैदराबाद के लिए पहली बार कुछ खास नहीं रही. लेकिन शानदार गेंदबाजी वाली हैदराबाद ने यह बताया कि कैसे लगातार 4 मैचों की हार के ट्रेंड तोड़कर बड़े मैच में उनकी टीम वापसी कर सकती है.

दूसरी पारी में कप्तान केन विलियमसन ने हर वो पैंतरा चला जहां से टीम को वापस गेम में लाया जा सके. पावर प्ले में कोलकाता हावी नजर आई और हैदराबाद के खिलाफ इस सीजन में सबसे ज्यादा 67 रन बटोर लिये. लेकिन अभी तरकश में स्पिनर्स के तीर बचे थे और वही टीम के लिए गेम चेंजर साबित हुए.

सांतवें ओवर में जब राशिद खान को लाया गया, तो उन्होंने सिर्फ 3 रन दिए. इसके बाद 9वें ओवर में शाकिब ने सिर्फ 7 रन दिए. फिर जब राशिद 11वां ओवर करने आए तो उन्होंने उथप्पा को कीमती विकेट झटका. 12वें ओवर में दिनेश कार्तिक का विकेट और 13वें ओवर में क्रिस लिन के आउट होने के बाद मैच में हैदराबाद की उम्मीदों को पंख लग गए, हालांकि अब भी टीम के पास आंद्रे रसेल जैसा तूफानी बल्लेबाज बचा था.

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रसेल को किया टारगेट

रसेल के लिए केन विलियमसन ने खास रणनीति बनाई. केन जानते थे कि रसेल वह खिलाड़ी है, जो सिर्फ 10 गेंदों में मैच को छीनकर ले जाने की क्षमता रखते हैं. इसी वजह से शॉर्ट लेग और स्लिप लगाकर उनपर दबाव डालने की कोशिश हुई. राशिद की फिरकी और आस-पास खिलाड़ियों के घिरे रसेल के पसीन छूट गए और शॉट खेलने के चक्कर में स्लिप पर खड़े शिखर धवन को कैच थमा बैठे. यही विकेट मैच का सबसे बड़ा टर्निंग पाइंट साबित हुआ.

आखिरी के ओवर्स में पीयूष चावला और शुभमान गिल ने कुछ हिम्मत जरूर दिखाई, लेकिन उनमें रसेल जैसे बड़े हिट मारने की क्षमता नहीं थी. कप्तान ने जब रसेल के खिलाफ शॉर्ट लेग को खड़ा किया, तो यह काफी चौंकाने वाला फैसला था. ऐसे ही निडर फैसलों की वजह से हैदराबाद ने फाइनल में अपनी जगह बना पाई और अब वह खिताब के लिए रविवार को चेन्नई सुपर किंग्स से भिड़ने को तैयार है.

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