विश्व कप 2019 के पहले सेमीफाइलन में न्यूजीलैंड ने भारत को 18 रन से मात दी. इसी के साथ मैचनेचेस्टर में बुधवार को टीम इंडिया का तीसरी बार विश्व चैंपियन बनने का सफर यहीं थम गया. आज तक के संवाददाता विक्रांत गुप्ता के साथ बातचीत में भारतीय स्पिनर हरभजन सिंह ने टीम इंडिया के हार के कारण गिनाए.
हरभजन सिंह ने कहा, 'शिखर धवन और अंबाति रायुडू जैसे बल्लेबाजों की जगह केएल राहुल और दिनेश कार्तिक को बड़ी उम्मीद से टीम में शामिल किया गया था, लेकिन दोनों ही बड़े मैच में पिच पर लहराती गेंदों का सामना नहीं कर पाए. इन खिलाड़ियों को यह सोचना चाहिए था कि जिनकी जगह टीम में इनका चयन हुआ है उनमें भी कोई कमी नहीं थी.' ऐसा कहते हुए भज्जी ने रायुडू का सेलेक्शन न होने की तरफ इशारा किया.
रोहित-कोहली कब तक लगाते नैय्या पार-
हरभजन ने आज तक से बातचीत में टीम इंडिया की मिडिल ऑर्डर बल्लेबाजी पर भी सवाल उठाए. हरभजन ने कहा, 'टीम इंडिया की बल्लेबाजी का शीर्षक्रम हर बार आपको मैच नहीं जिता सकता. अगर विराट कोहली और रोहित शर्मा मैच में स्कोर नहीं किया तो मिडिल ऑर्डर बल्लेबाजों को जिम्मेदारी उठानी चाहिए थी.' हार्दिक पांड्या (32) और दिनेश कार्तिक (6) अगर मैदान पर टिकाऊ पारी खेलते तो शायद भारत यह मुकाबला जीत सकता था.
धवन के इंजरी से झटका-
हरभजन सिंह मानते हैं कि ओपनर बल्लेबाज शिखर धवन का घायल होना टीम इंडिया के लिए सबसे बड़ा झटका था. भज्जी ने बताया कि शिखर धवन अगर सेमीफाइनल में होते तो शायद टीम इंडिया का टॉप ऑर्डर सेमीफाइनल में इस तरह नहीं बिखरता. टीम इंडिया के सिर पर उसी दिन संकट के बादल छा गए थे जब गब्बर घायल हुए थे.
सेंटनर को खेलने में नाकाम-
हरभजन ने कहा, 'मैच में एक वक्त ऐसा था जब कीवी स्पिनर मिचेल सेंटनर बल्लेबाजों पर काफी हावी नजर आ रहे थे. पिच पर ज्यादा टर्न देखने को नहीं मिला. इसके बावजूद बल्लेबाज उनके खिलाफ 6 ओवर में सिर्फ 10 रन ही बना पाए थे. जबकि रविंद्र जडेजा ने उनका डटकर सामना किया और बड़े शॉट खेलकर दबाव भी कम किया.'
जडेजा की यादगार पारी-
हरभजन ने टीम इंडिया के ऑलराउंडर रविंद्र जडेजा की जमकर तारीफ की. हरभजन ने कहा, 'द्विपक्षीय सीरीज में एक बल्लेबाज कितने ही रन क्यों न बना ले, लेकिन उसकी सही पहचान तब होती है जब वो बड़े टूर्नामेंट में रन बनाता है. रविंद्र जडेजा की 77 रन पारी ने यह साबित कर दिया कि वह बड़े मैच के खिलाड़ी हैं. अगर आज वह मैच जिता ले जाते तो उनका दर्ज और भी ऊंचा हो जाता.'
सुमित कुमार / aajtak.in