‘जबरन कमरे में ले गए’: शाहीन आफरीदी-सिकंदर रजा पर आरोप, PSL में भूचाल!

PSL 2026 में लाहौर कलंदर्स के कप्तान Shaheen Shah Afridi और ऑलराउंडर Sikandar Raza पर गंभीर आरोप लगे हैं कि उन्होंने होटल सुरक्षा प्रोटोकॉल तोड़ते हुए चार अनधिकृत लोगों को जबरन कमरे तक पहुंचाया.

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शाहीन आफरीदी: ‘जबरन मेहमान एंट्री’ कराने का आरोप... (Photo, PTI) शाहीन आफरीदी: ‘जबरन मेहमान एंट्री’ कराने का आरोप... (Photo, PTI)

aajtak.in

  • लाहौर,
  • 30 मार्च 2026,
  • अपडेटेड 12:34 PM IST

पाकिस्तान सुपर लीग 2026 (PSL) एक बार फिर विवादों के घेरे में है. लाहौर कलंदर इस बार सीधे निशाने पर है. टीम के कप्तान शाहीन शाह आफरीदी और ऑलराउंडर सिकंदर रजा पर गंभीर आरोप लगे हैं. पंजाब पुलिस के मुताबिक, दोनों खिलाड़ियों ने तय सुरक्षा नियमों की अनदेखी करते हुए चार अनधिकृत लोगों को खिलाड़ियों के होटल फ्लोर तक न सिर्फ पहुंचाया, बल्कि कथित तौर पर 'जबरन' उन्हें कमरे में ले गए.

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रिपोर्ट के अनुसार, यह पूरा मामला उस वक्त सामने आया, जब होटल में ठहरे खिलाड़ियों और सपोर्ट स्टाफ की सुरक्षा के बीच सेंध लगी. पुलिस की ओर से सलमान नसीर को लिखे पत्र में साफ कहा गया कि इन विजिटर्स को अनुमति नहीं दी गई थी, यहां तक कि टीम के लायजन ऑफिसर की रिक्वेस्ट भी दो बार खारिज हो चुकी थी. बावजूद इसके, शाहीन और रजा ने ड्यूटी पर तैनात सुरक्षा कर्मियों के विरोध के बीच मेहमानों को अंदर पहुंचाया और वे करीब तीन घंटे तक वहीं रुके रहे.

इस घटनाक्रम को सुरक्षा एजेंसियों ने 'प्रोटोकॉल का स्पष्ट उल्लंघन' करार दिया है. पंजाब पुलिस ने लीग आयोजकों से इस मामले की समीक्षा कर भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए सख्त कार्रवाई की मांग की है.

हालांकि, अभी तक लाहौर कलंदर्स की ओर से आधिकारिक बयान नहीं आया है, लेकिन मैच के बाद सिकंदर रजा ने सफाई देते हुए कहा कि वे लोग उनके परिवार और करीबी दोस्त थे. रजा ने शाहीन को क्लीन चिट देते हुए कहा, 'वो सिर्फ मेरी मदद कर रहे थे, असली जिम्मेदारी मेरी है. मैं उन सभी को लंबे समय से जानता हूं.'

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इस पूरे विवाद के बीच पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड पहले ही सख्त रुख अपनाए हुए है. लीग के शुरुआती मुकाबले ‘क्लोज्ड डोर्स’ में कराए जा रहे हैं, जिसका कारण ऊर्जा बचत और वेस्ट एशिया में जारी तनाव बताया गया है. सुरक्षा के लिहाज से खिलाड़ियों के होटल और मैदानों के बाहर भारी पुलिस बंदोबस्त पहले से ही मौजूद है.

गौरतलब है कि हाल ही में नसीम शाह को भी अनुशासन उल्लंघन के मामले में नोटिस थमाया गया था, जिससे साफ है कि इस सीजन में बोर्ड किसी भी तरह की ढील देने के मूड में नहीं है. अब देखना दिलचस्प होगा कि यह मामला पीएसएल में आगे क्या मोड़ लेता है. क्या खिलाड़ियों पर कार्रवाई होगी या यह विवाद सफाई के साथ थम जाएगा?
 

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