पारस डोगरा की अगुवाई वाली जम्मू-कश्मीर की टीम ने इतिहास रचते हुए पहली बार रणजी ट्रॉफी का खिताब जीत लिया. हुबली के केएससीए हुबली क्रिकेट ग्राउंड में हुए फाइनल में आठ बार की रणजी चैम्पियन कर्नाटक और जम्मू-कश्मीर का मैच ड्रॉ रहा, लेकिन पहली पारी में मिली बड़ी बढ़त के दम पर जम्मू-कश्मीर चैम्पियन बना.
रणजी ट्रॉफी फाइनल में पहली बार पहुंची जम्मू-कश्मीर की टीम ने पूरे मैच में शानदार संयम और आत्मविश्वास दिखाया. कर्नाटक की पहली पारी के 293 रनों के जवाब में जम्मू-कश्मीर ने अपनी पहली इनिंग्स में 584 रन बनाए. यानी पहली पारी के आधार पर जम्मू-कश्मीर ने 291 रनों की मजबूत बढ़त हासिल की. फिर दूसरी पारी में इस टीम ने 342/4 रन बनाकर लीड और बड़ी कर ली.
मैच का नतीजा निकलना मुश्किल था, ऐसे में दोनों टीमों के कप्तानों ने मैच को यहीं पर समाप्त करने का फैसला किया. जैसे ही जम्मू-कश्मीर की खिताबी जीत पक्की हुई, मैदान पर जश्न का माहौल बन गया. खिलाड़ी ढोल की थाप पर झूमते नजर आए और हेड कोच अजय भी इस जश्न में शामिल हुए.
जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला, जो आखिरी दिन का खेल देखने पहुंचे थे, उन्होंने टीम को इस ऐतिहासिक उपलब्धि पर बधाई दी. यह जीत 67 साल के लंबे इंतजार का अंत है. जम्मू-कश्मीर की पहली पारी में शुभम पुंडीर (121 रन) के अहम शतक ने इस खिताबी जीत की नींव रखी, जबकि तेज गेंदबाज आकिब नबी ने सीजन में सातवीं बार पांच विकेट लेकर कर्नाटक की चुनौती को कमजोर कर दिया.
रणजी ट्रॉफी 2025-26 में 60 विकेट लेने वाले आकिब नबी का प्रदर्शन जम्मू-कश्मीर की सफलता में निर्णायक साबित हुआ. शुभम पुंडीर 'प्लेयर ऑफ द मैच' और आकिब नबी 'प्लेयर ऑफ द सीरीज' चुने गए. अंडरडॉग से चैम्पियन बनने तक का यह सफर जम्मू-कश्मीर क्रिकेट के लिए बड़े गर्व का पल है...
aajtak.in