बॉर्डर गावस्कर ट्रॉफी में टीम इंडिया ने शानदार शुरुआत की है. नागपुर में खेले गए चार मैचों की टेस्ट सीरीज के पहले मुकाबले में भारत ने ऑस्ट्रेलिया को एक पारी और 132 रनों से पराजित किया. मुकाबले के तीसरे दिन ही भारतीय गेंदबाजों के आगे कंगारुओं ने घुटने टेक दिए और उसकी दूसरी पारी महज 91 रनों पर सिमट गई, सीरीज का दूसरा मुकाबला 17 फरवरी से दिल्ली के अरुण जेटली स्टेडियम में खेला जाएगा.
टेस्ट सीरीज की शुरुआत से पहले क्रिकेट विशेषज्ञ उम्मीद जता रहे थे कि दोनों देशों के बीच कड़ा मुकाबला देखने को मिलेगा. आईसीसी की टेस्ट रैंकिंग में ऑस्ट्रेलिया पहले और भारत दूसरे नंबर पर है, ऐसे में ये अनुमान लगाना स्वाभाविक भी था. लेकिन पहले टेस्ट में ऑस्ट्रेलियाई टीम ने जिस तरह से सरेंडर किया वह वाकई काफी हैरान कर देने वाला रहा. भारतीय टीम ने भी उम्मीद नहीं की होगी कि ऑस्ट्रेलियाई टीम दूसरी पारी में ताश के पत्तों की तरह बिखर जाएगी.
बड़े-बड़े दावे हो गए फेल!
सीरीज शुरु होने से पहले ऑस्ट्रेलियाई मीडिया और पूर्व खिलाड़ी ऑस्ट्रेलिया के पक्ष में माहौल बनाने में जुटे हुए थे. पूर्व विकेटकीपर इयान हिली ने कहा था कि अगर सपाट विकेट्स मिलते हैं तो ऑस्ट्रेलिया सीरीज जीत सकता है. लेकिन स्पिन फ्रेंडली विकेट मिलेगा तो भारत के पास चांस रहेगा. इसके अलावा एडम गिलक्रिस्ट, स्टीव ओकीफे ने भी भविष्यवाणी की थी ऑस्ट्रेलिया 2-1 से सीरीज जीतेगा. अब पहले टेस्ट मैच में ऑस्ट्रेलिया ने जिस तरह का क्रिकेट खेला है उससे लग रहा है कि बाकी के तीन टेस्ट मैचों में भी मेहमान टीम के लिए काफी मुश्किलें पेश आने वाली हैं.
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ऑस्ट्रेलियाई मीडिया के एक वर्ग ने तो मुकाबला शुरू होने से पहले ही नागपुर की पिच पर ही सवाल खड़े करने शुरू कर दिए थे. उन्होंने आरोप लगाया था कि नागपुर में क्यूरेटर ने पिच के दोनों सिरों पर लेफ्ट हैंडेड बैटर्स के ऑफ स्टम्प वाला हिस्सा सूखा छोड़ दिया, ताकि भारतीय स्पिनर्स ऑस्ट्रेलियाई टीम के बाएं हाथ के बल्लेबाजों को परेशान कर सकें. अब पहले टेस्ट के नतीजे से पता चलता है कि ये सब बातें कोरी अफवाह थीं.
टूट गया नंबर-1 होने का घमंड
देखा जाए तो जिस पिच पर ऑस्ट्रेलिया की टीम अपनी दोनों पारी को मिलाकर सिर्फ 268 रन बना सकी, उसी पिच पर भारत ने एक ही पारी में चार सौ रन बना डाले. इस दौरान बाएं हाथ के बल्लेबाजों अक्षर पटेल और रवींद्र जडेजा ने शानदार पारियां खेलीं. ऑस्ट्रेलियाई खिलाड़ियों ने जैसी क्रिकेट खेली, वो नंबर-1 टीम की तरह बिल्कुल नहीं था. नाथन लियोन जैसे अनुभवी स्पिनर को विकेट लेने के लिए संघर्ष करना पड़ा. साथ ही पूरे मैच में ऑस्ट्रेलिया का कोई बल्लेबाज अर्धशतकीय आंकड़े को भी नहीं छू सका.
भारत फाइनल में पहुंचने के करीब पहुंचा
नागपुर टेस्ट मैच जीतकर भारत ने वर्ल्ड टेस्ट चैम्पियनशिप के फाइनल में पहुंचने की संभावनाओं को और मजबूत कर लिया है. भारत के अब 61.67 प्रतिशत अंक है और वह WTC टेबल में दूसरे नंबर पर कायम है.अगर भारतीय टीम इस सीरीज के बाकी तीन में से दो टेस्ट जीत लेती है तो वह फाइनल में पहुंच जाएगी.ऑस्ट्रेलिया 70.83 प्रतिशत अंक के साथ तालिका में अब भी टॉप पर बना हुआ है और उसे फाइनल मेें पहुंचने के लिए एक जीत की तलाश है.
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