अपने पिछले दो दौरों में ऑस्ट्रेलिया से खाली हाथ वापस जाने वाली भारतीय टीम के लिए 10 दिसंबर 2018 का दिन एक यादगार तोहफे के रूप में आया था. 2018 के अंत में भारतीय टीम 4 टेस्ट मैचों की सीरीज खेलने के लिए ऑस्ट्रेलिया के दौरे पर थी. इस सीरीज में ऑस्ट्रेलियाई टीम के दो बड़े खिलाड़ी स्टीव स्मिथ और डेविड वॉर्नर हिस्सा नहीं ले रहे थे. दोनों खिलाड़ियों को सैंडपेपर गेट विवाद के बाद क्रिकेट से 1 साल के लिए बैन कर दिया गया था. इस सीरीज में ऑस्ट्रेलियाई टीम की कमान टिम पेन संभाल रहे थे.
भारतीय टीम के लिए ऑस्ट्रेलिया में सीरीज जीत का यह सुनहरा मौका था. पहला टेस्ट एडिलेड में खेला जाना था. 6 दिसंबर से शुरू हुए इस टेस्ट मैच का नतीजा पांचवें दिन 10 दिसंबर को ही आया था. भारतीय टीम ने मौके का फायदा उठाते हुए ऑस्ट्रेलियाई सरजमीं पर 10 साल में अपनी पहली टेस्ट जीत दर्ज की थी. 31 रनों से इस जीत के हीरो चेतेश्वर पुजारा रहे. पहली पारी में शानदार शतक और दूसरी पारी में अर्द्धशतक जड़ कर पुजारा ने भारतीय टीम का ऑस्ट्रेलिया में 10 साल का सूखा खत्म किया.
इस टेस्ट की पहली पारी में भारतीय टीम 250 रनों पर सिमट गई थी, जिसमें सबसे बड़ा योगदान चेतेश्वर पुजारा का था. पुजारा ने पहली पारी में 123 रनों की पारी खेली थी. पुजारा को छोड़ सभी बल्लेबाज फेल हुए थे. बल्लेबाजों के फेल होने के बाद गेंदबाजों ने शानदार तरीके से मैच में वापसी कराते हुए ऑस्ट्रेलिया को 235 रनों पर ही समेट दिया था. भारतीय टीम के गेंदबाजों ने अहम 15 रनों की बढ़त दिलाई थी. बुमराह तथा अश्विन ने 3-3, जबकि ईशांत-शमी ने 2-2 विकेट झटके थे.
दूसरी पारी में भी पुजारा ने एक बार फिर से संकटमोचक की भूमिका निभाते हुए 71 रनों की अहम पारी खेली और पुजारा के साथ अजिंक्य रहाणे (70), विराट कोहली (34) और केएल राहुल (44) की अहम पारियों की बदौलत ऑस्ट्रेलिया को चौथी पारी में 323 रनों की मुश्किल चुनौती रखी थी. जिसके जवाब में ऑस्ट्रेलिया निचले क्रम के बल्लेबाजों की बदौलत लक्ष्य के करीब पहुंच गया था. लेकिन भारतीय गेंदबाजों ने एक बार फिर से पुजारा के शतक को बेकार नहीं जाने दिया. शमी, बुमराह और अश्विन ने 3-3 विकेट झटककर भारतीय टीम का ऑस्ट्रेलिया में 10 साल का सूखा खत्म किया था.
अपनी बेहतर बल्लेबाजी की बदौलत चेतेश्वर पुजारा को इस एतिहासिक जीत में अहम योगदान के लिए प्लेयर ऑफ द मैच का खिताब भी दिया गया था. इसके पहले के 2 ऑस्ट्रेलियाई दौरे भारतीय टीम के लिए काफी बुरे रहे. भारत 2011 में 4-0 और 2014 में 2-0 से हारा था. लेकिन 2018 में ऑस्ट्रेलियाई टीम के 2 अहम खिलाड़ियों की गैरमौजूदगी में भारत 4 मैचों की टेस्ट सीरीज 2-1 से जीती थी.
इस जीत से पहले 2008 में पर्थ के मैदान पर भारतीय टीम ने तिरंगा लहराया था और एडिलेड ओवल में भारतीय टीम के नाम आखिरी जीत 2004 में मिली थी. एडिलेड में मिली इस जीत के हीरो मौजूदा कोच राहुल द्रविड़ थे. राहुल द्रविड़ ने इस मुकाबले में पहली पारी में 233 रन और दूसरी पारी में नाबाद 72 रनों की पारी खेली थी. इस मुकाबले में भारतीय टीम ने 230 रनों के लक्ष्य का सफलता से पीछा किया था.
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