Designated Hitter Fielder Rule: ऑस्ट्रेलिया की मशहूर टी20 लीग बिग बैश लीग (BBL) 2026-27 सीजन से एक बड़ा और अनोखा नियम लागू करने जा रही है. इस नए नियम के तहत टीमों को एक “Designated hitter” (सिर्फ बल्लेबाजी करने वाला) और एक “Designated Fielder” (सिर्फ फील्डिंग करने वाला) खिलाड़ी चुनने की अनुमति होगी.
इस नियम का मकसद क्रिकेट के बड़े और विस्फोटक बल्लेबाजों को लीग में लंबे समय तक बनाए रखना है, ताकि वे फील्डिंग के दौरान चोटिल होने से बच सकें और सिर्फ अपने बल्लेबाजी स्किल पर फोकस कर सकें. इस नियम को बेसबॉल से लिया गया है.
सीनियर खिलाड़ियों को मिलेगा फायदा
इस बदलाव से एडिलेड स्ट्राइकर्स के दिग्गज बल्लेबाज क्रिस लिन और पर्थ स्कॉर्चर्स के स्टार मिचेल मार्श जैसे खिलाड़ियों का करियर लंबा हो सकता है. उम्र बढ़ने के साथ फील्डिंग में चोट का खतरा ज्यादा होता है, जिसे यह नियम कम करेगा.
टेस्ट खिलाड़ियों को भी लुभाने की कोशिश
BBL के आला उम्मीद कर रहे हैं कि यह नियम ट्रेविस हेड जैसे थके हुए टेस्ट खिलाड़ियों को भी लीग में खेलने के लिए प्रेरित करेगा. हेड ने हाल ही में एशेज सीरीज में शानदार प्रदर्शन किया, लेकिन मौजूदा BBL सीजन में हिस्सा नहीं ले रहे हैं.
रिकी पोंटिंग ने किया नए रूल समर्थन
ऑस्ट्रेलियाई क्रिकेट लीजेंड रिकी पोंटिंग ने इस नियम को सही कदम बताया. उन्होंने कहा, “कुछ खिलाड़ी अपने करियर के उस दौर में होते हैं जब वे फील्डिंग में ज्यादा असर नहीं डाल पाते. उन्हें चोट लगने का भी डर रहता है. ऐसे में अगर यह नियम उन्हें खेलने में मदद करता है, तो यह शानदार है.”
Designated Batter-Fielder रूल क्या है?
Designated Batter और Designated Fielder दोनों को गेंदबाजी की अनुमति नहीं होगी. हालांकि, Designated Fielder विकेटकीपर बन सकता है. अगर कोई टीम इस नियम का इस्तेमाल नहीं करना चाहती, तो वह सामान्य Playing XI के साथ खेल सकती है.
मेलबर्न स्टार्स के ऑलराउंडर ग्लेन मैक्सवेल ने इस रूल के बारे में कहा- यह टूर्नामेंट में नया रोमांच जोड़ेगा. देखना दिलचस्प होगा कि टीमें इसे कैसे इस्तेमाल करती हैं. वहीं BBL कंसल्टेंट ट्रेंट वुडहिल के मुताबिक, यह नियम टीमों की रणनीति में नई परत जोड़ेगा. उन्होंने कहा कि दुनियाभर के खिलाड़ियों से इस नियम पर पॉजिटिव फीडबैक मिला है और इससे अगले सीजन में और बड़े नाम BBL में आ सकते हैं.फिलहाल यह नियम महिला बिग बैश लीग (WBBL) में लागू नहीं होगा, लेकिन भविष्य में इस पर विचार किया जाएगा.
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