बाराबती स्टेडियम का इतिहास नहीं है अच्छा, हो चुका है ये बड़ा बवाल!

दर्शकों ने पहले भारतीय टीम के 92 रन पर आउट होने के बाद मैदान पर पानी की बोतलें फेंकी. बाद में जब दक्षिण अफ्रीका तीन विकेट पर 64 रन बनाकर आसानी से लक्ष्य की तरफ बढ़ रहा था तब फिर से दर्शकों ने हंगामा करना शुरू कर दिया था.

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बाराबाती स्टेडियम का अनचाहा इतिहास ! बाराबाती स्टेडियम का अनचाहा इतिहास !

संदीप कुमार सिंह

  • नई दिल्ली,
  • 18 जनवरी 2017,
  • अपडेटेड 1:05 PM IST

गुरूवार को टीम इंडिया कटक के जिस बाराबती स्टेडियम में इंग्लैंड के खिलाफ मैच खेलने के लिए मैदान में उतरेगी, उस बाराबती स्टेडियम का इतिहास अच्छा नहीं रहा है. 6 अक्टूबर 2015 को दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ खेले गए दूसरे टी-20 मैच में भारतीय टीम के बुरे प्रदर्शन से नाराज क्रिकेट प्रेमियों ने मैदान पर बोतलें फेंकनी शुरू कर दी थी, जिसके कारण मैच को दो बार बीच में रोकना पड़ा था. भारतीय टीम ने पहले बल्लेबाजी करते हुए उस मैच में मात्र 92 रन बनाए थे, जिससे दर्शकों का गुस्सा मैच के दौरान ही टूट पड़ा. इस मैच में विराट कोहली मात्र एक रन बनाकर रन आउट हो गए थे.

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दर्शकों ने पहले भारतीय टीम के 92 रन पर आउट होने के बाद मैदान पर पानी की बोतलें फेंकी. बाद में जब दक्षिण अफ्रीका तीन विकेट पर 64 रन बनाकर आसानी से लक्ष्य की तरफ बढ़ रहा था तब फिर से दर्शकों ने हंगामा करना शुरू कर दिया था. मैदान पर पानी की बोतलें फेंकी जाने लगी और खेल लगभग 25 मिनट तक रुका रहा. आखिरकार 25 मिनट बाद खेल फिर से शुरू हुआ लेकिन दो ओवर बाद ही दर्शकों ने दोबारा हंगामा करते हुए अपने खराब व्यवहार से आयोजकों को भी शर्मसार कर दिया.

 


इसके बाद मैच रेफरी क्रिस ब्रॉड को भी मैदान पर आना पड़ा. दक्षिण अफ्रीका के कप्तान फाफ डु प्लेसीस भी उनके साथ थे. गौरतलब है कि पहले बल्लेबाजी का न्यौता पाने वाला भारत 17.2 ओवर में मात्र 92 रनों पर ही आउट हो गया था. भारतीय पारी के इस तरह से पतन को देखते हुए गैलरी तीन और चार में मौजूद दर्शकों ने मैदान पर पानी की बोतलें फेंकना शुरू कर दिया.

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ओसीए के नियम हैं अलग

आपको बता दें कि भारत में अधिकतर स्थानों पर पानी की बोतलों पर पाबंदी है और पानी के पाउच ले जाने की अनुमति है लेकिन ओडिशा क्रिकेट संघ के अधिकारी ने कहा कि बाराबती स्टेडियम में स्थिति भिन्न है. ओसीए अधिकारी ने कहा, ‘हमने पानी की छोटी बोतलों और पाउच पर प्रतिबंध लगाया है लेकिन यहां बड़ी बोतलों पर प्रतिबंध नहीं है.’

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