IPL 2026 की दहलीज पर खड़ी ये लीग इस बार सिर्फ मुकाबलों की नहीं, बल्कि 10 भारतीय कप्तानों की अलग-अलग कहानियों की भी है. किसी के पास अधूरा सपना है, तो कोई अपने सुनहरे दौर की रफ्तार बनाए रखना चाहता है. पिछले सीजन के बाद इन कप्तानों का सफर उतार-चढ़ाव से भरा रहा- अब वक्त है अगली परीक्षा का. (Photo, PTI)
श्रेयस अय्यर (PBKS)
IPL 2025 में बल्ले से आग उगलने वाले अय्यर अब चुप हैं- काफी समय से T20 नहीं खेले. चोट, टीम इंडिया से दूरी और वर्ल्ड कप से बाहर होना… सब कुछ दांव पर है. IPL 2026 उनके लिए कमबैक का मंच है. (Photo, PTI)
हार्दिक पंड्या (MI)
टी20 क्रिकेट के सबसे बड़े मंचों पर लगातार खेलते हुए हार्दिक ने खुद को ‘फिनिशर प्लस’ बना लिया है. रन भी, विकेट भी. अब सवाल ये है- क्या वो फिर मैच फिनिश करेंगे या टीम के लिए नई भूमिका अपनाएंगे? MI को 2020 के बाद पहली फाइनल दिलाना उनका अगला टारगेट है. (Photo, PTI)
शुभमन गिल (GT)
गिल भारत की टी20 टीम के वाइस-कप्तान थे, लेकिन फॉर्म और टीम स्ट्रैटेजी के चलते उसी टीम से बाहर हो गए.आंकड़े भले साधारण रहे हों, लेकिन IPL की पिचें उनके लिए फिर मौका लेकर आई हैं. अब उन्हें साबित करना है कि वो सिर्फ क्लास नहीं, कंडीशन्स के मास्टर भी हैं. (Photo, PTI)
अक्षर पटेल (DC)
बिना शोर किए मैच जिताने वाले अक्षर अब बड़े मंच के खिलाड़ी बन चुके हैं. वर्ल्ड कप फाइनल में उनकी घातक गेंदबाजी ने भारत को चैम्पियन बनाया. DC के साथ पिछले सीजन में जो अधूरा काम रह गया, उसे इस बार खत्म करने की जिम्मेदारी उन्हीं के कंधों पर है. (Photo, PTI)
ईशान किशन (SRH)
ये कहानी उलट है- टीम इंडिया से बाहर होकर ईशान ने खुद को फिर गढ़ा. सैयद मुश्ताक अली ट्रॉफी (SMAT) में धमाका, फिर इंटरनेशनल वापसी और वर्ल्ड कप फाइनल में ताबड़तोड़ फिफ्टी. अब SRH की कप्तानी का मौका उनके करियर को नई ऊंचाई दे सकता है. (Photo, PTI)
ऋषभ पंत (LSG)
पिछला IPL एक बुरा सपना था. उसके बाद चोट, वापसी, फिर ब्रेक… पंत की कहानी रुक-रुक कर चली. लेकिन वो वही खिलाड़ी हैं जो एक पारी से सब बदल सकते हैं. LSG को उनसे सिर्फ रन नहीं, निरंतरता चाहिए. (Photo, PTI)
अजिंक्य रहाणे (KKR)
37 की उम्र, घटता वक्त… लेकिन इरादे अब भी आक्रामक. SMAT में शानदार स्ट्राइक रेट ने साबित किया कि ‘नया रहाणे’ अभी खत्म नहीं हुआ. IPL 2026 शायद उनका आखिरी बड़ा मौका हो या तो चमकेंगे, या कहानी खत्म. (Photo, PTI)
रियान पराग (RR)
टैलेंट की कमी नहीं, लेकिन निरंतरता सवाल है. कप्तानी मिली, रन भी आए, फिर अचानक गिरावट. 24 साल के पराग के पास वक्त है, लेकिन अब उन्हें ‘प्रॉमिस’ से ‘परफॉर्मेंस’ तक का सफर तय करना होगा. (Photo, PTI)
ऋतुराज गायकवाड़ (CSK)
धोनी के बाद विरासत संभालना आसान नहीं. पहले सीजन में मिड-टेबल, फिर चोट से बाहर और टीम का पतन. लेकिन वापसी के बाद वनडे में शतक और घरेलू क्रिकेट में दमदार प्रदर्शन ने उम्मीद जगाई है. CSK ने भरोसा दिखाया है- अब गायकवाड़ को उसे सही साबित करना है. (Photo, PTI)
रजत पाटीदार (RCB)
पहले ही कप्तानी सीजन में ट्रॉफी दिलाने वाले पाटीदार को लगा था जैसे उनके हाथ में ‘गोल्डन टच’ है. दलीप ट्रॉफी जीत और मध्य प्रदेश की कप्तानी ने कद बढ़ाया, लेकिन चोट और खराब फॉर्म ने रफ्तार तोड़ी. अब फिट होकर वो फिर RCB को चैम्पियन बनाने की ठान चुके हैं. (Photo, PTI)