मनिका बत्रा भारत की नंबर एक महिला टेबल टेनिस खिलाड़ी हैं. भारतीय खेल प्रेमियों के बीच वो उतनी पॉपुलर नहीं है, जितनी एमसी मेरी कॉम, साइना नेहवाल और पीवी सिंधु जैसी खिलाड़ी हैं. लेकिन, 21वें कॉमनवेल्थ खेलों में मनिका ने अपने दमदार खेल से हर किसी का ध्यान अपनी ओर खींचा हैं. टेबल टेनिस के अलग-अलग इवेंट में चार पदक जीतकर उन्होंने इतिहास रचा. कॉमनवेल्थ खेलों में ऐसा करने वाली वो पहली भारतीय महिला टेबल टेनिस खिलाड़ी बनीं.
22 साल की मनिका ने न सिर्फ टेबल टेनिस के महिला सिंगल्स में गोल्ड जीता, बल्कि महिलाओं की टीम इवेंट में गोल्ड, महिला डबल्स मुकाबले में सिल्वर और मिक्स्ड डबल्स में ब्रॉन्ज मेडल जीता. यानी उनकी झोली में दो गोल्ड, एक सिल्वर और एक ब्रॉन्ज मेडल आया.
गोल्ड कोस्ट ने बढ़ाया हौसला
दिल्ली की रहने वाली मनिका की पहचान देश की बेहतरीन महिला टेबल टेनिस खिलाड़ियों में होती है. उनके सामने टेबल टेनिस में निरंतर प्रदर्शन कर अपनी छाप छोड़ने की चुनौती है. गोल्ड कोस्ट में मनिका ने जिस तरह का खेल दिखाया है, उससे उनका हौसला बढ़ेगा.
मनिका दिल्ली की रहने वाली हैं. तीन भाई-बहनों में सबसे छोटी हैं. मनिका ने पहली बार चार साल की उम्र टेबल टेनिस रैकेट पकड़ा और उसके बाद से अब तक नहीं छोड़ा. मनिका कई बड़े अंतरराष्ट्रीय टूर्नामेंट में देश का नाम रोशन कर चुकी हैं.
अमित रायकवार