पीयूष गोयल का कहना है कि किसी भी डील या समझौते में सबसे पहले यह देखा जाता है कि देश के लिए क्या फायदा हैं. यह समझौता भारत की अर्थव्यवस्था के लिए बेहद अहम साबित होगा और इसके प्रमुख लाभ आने वाले महीनों में स्पष्ट रूप से दिखेंगे. खास तौर पर लेबर इंटेंसिव इंडस्ट्रीज जैसे टेक्सटाइल्स, गारमेंट्स, होम डेकोर, लेदर, स्पोर्ट्स वियर, टॉयज, मरीन फिशरीज और कृषि क्षेत्र में इसे सबसे ज्यादा लाभ मिलेगा.