तेजस्वी यादव का कहना है कि चुनाव में कोई निष्पक्ष माहौल नहीं था क्योंकि मीडिया, पूंजीपति और संवैधानिक संस्थाएं उनका साथ नहीं दे रही थीं. अधिकारियों और सिस्टम ने भी चुनाव में अपने तरीके से हिस्सा लिया. इसके बावजूद उन्हें एक करोड़ नब्बे लाख वोट मिले, जो उनकी ताकत और जनसमर्थन का परिचायक है. यह संदेश उन्हें हार नहीं मानने और लगातार संघर्ष जारी रखने के लिए प्रेरित करता है.