ईरान की महिला फुटबॉल टीम को उनकी सरकार और कट्टरपंथियों से बड़ा खतरा है। टीम अभी ऑस्ट्रेलिया में है, जहां मैच के दौरान जब राष्ट्रगान बजा, तब खिलाड़ियों ने उसे नहीं गाया और मौन रहने का फैसला किया। इस कदम को ईरानी मीडिया और सरकार ने नकारात्मक रूप में देखा और खिलाड़ियों पर देशद्रोही होने का आरोप लगाया।