आज की स्थिति में क्या भारत को ईरान के समर्थन में खुलकर खड़ा होना चाहिए था जैसे कांग्रेस पार्टी उम्मीद कर रही है. साथ ही यह भी सवाल उठता है कि क्या कश्मीर, सीएए और 370 जैसे मुद्दों पर खामेनी ने भारत-विरोधी रुख अपनाया है जैसा कि बीजेपी का दावा है. इस विषय पर चर्चा महत्वपूर्ण है क्योंकि इससे भारत के राष्ट्रीय हित और विदेश नीति पर असर पड़ता है.