ऐसा महसूस होता है कि हमारे शरीर का कोई हिस्सा खो गया हो और अपने भावनाओं को व्यक्त करना मुश्किल हो. उन्होंने जो स्थान बनाया है, वैसा बिहार को कभी कोई नेता नहीं मिला. आने वाले समय में भी ऐसा कोई होना संभव नहीं लगता। उन्होंने भारत के नये विश्व इतिहास में अपना नाम स्वर्णिम अक्षरों में लिखा है.