सचिन पायलट का कहना है कि सरकार की कार्यशैली को लेकर जनता में निराशा बढ़ रही है. दो साल से अधिक समय बीत गया है लेकिन फिर भी लोकल बॉडी के चुनाव नहीं कराए जा रहे हैं. संविधान में स्पष्ट प्रावधान है कि लोकल बॉडी के चुनाव हर पांच वर्ष में अनिवार्य हैं. हालांकि सरकार बार-बार नए बहाने बनाकर चुनाव टालती आ रही है. चुनाव होने की स्थिति में भी इसका श्रेय उच्च न्यायालय को दिया जाता है क्योंकि हाई कोर्ट के आदेश के बाद ही सरकार सक्रिय होती है. ऐसा प्रतीत होता है कि सरकार अपने मनमाफिक नगरपालिका या पंचायत चुनाव कराना नहीं चाहती और अफसरशाही के जरिये शासन चलाना पसंद करती है.