रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने अपने देश के न्यूक्लियर नियमों में बदलाव किया है। अब अगर कोई गैर-परमाणु देश किसी न्यूक्लियर पावर के समर्थन से रूस पर हमला करता है, तो इसे युद्ध माना जाएगा और बैलिस्टिक मिसाइल हमले का जवाब परमाणु हमला हो सकता है। पुतिन ने रूस की न्यूक्लियर डॉक्ट्रिन में नए बदलाव किए हैं, जिसमें ड्रोन हमले और अंतरिक्ष से हमले के खिलाफ भी न्यूक्लियर डेटरेंस का उपयोग किया जा सकता है।