रिटायर्ड मेजर विशंभर दयाल का कहना है कि नाइनटीन सिक्सटी त्वो में ब्रिगेड दालवी की किताब हिमालयन ब्लंडर के घटनाक्रम से भारतीय फौज ने कई महत्वपूर्ण सबक सीखे. इसके बाद नाइनटीन सिक्सटी सेवेन और नथुला के संघर्षों में फौज की कामयाबी से चीन पूरी तरह पीछे हट गया था. 1993 से दो हजार तेरह तक पांच महत्वपूर्ण संधियां हुईं, जिनमें हथियारों के इस्तेमाल पर रोक और सीमा पर शांति बनाए रखने के नियम शामिल थे. इन संधियों के बावजूद गालवान घाटी में जून 2020 में हुई घटना ने राष्ट्रीय सुरक्षा नीति और रक्षा रणनीति पर सवाल खड़े कर दिए. यह आवश्यक था कि सरकार ने ऐसी स्थिति में संधि से वापसी पर विचार किया होता. जनरल नरवणे के निर्णयों को देखें तो ये घटनाएं फौज के लिए बड़ी सीख प्रदान करती हैं.