कुमारगंज में एक दुर्लभ हस्तलिखित रामचरितमानस की पांडुलिपि मिली है, जो करीब 300 साल पुरानी बताई जा रही है. देवनागरी लिपि में लिखी इस पांडुलिपि को म्यूजियम में संरक्षित करने की प्रक्रिया जारी है. एक्सपर्ट इसके भाषाई और ऐतिहासिक महत्व का अध्ययन कर रहे हैं.