ग्रेटर नोएडा में युवराज की मौत को लेकर कई गंभीर सवाल उठ रहे हैं. बताया जा रहा है कि लगभग अस्सी कर्मचारी युवराज को बचाने के लिए प्रयासरत थे, लेकिन वे सफल नहीं हो पाए. इस मामले में नोएडा अथॉरिटी, पुलिस, फायर विभाग और एसडीआरएफ पर कई सवाल खड़े हो गए हैं. सबसे अधिक संदेह नोएडा अथॉरिटी पर है.