प्रेमानंद महाराज ने राष्ट्र प्रेम और बलिदान पर गहरी बात कही है उन्होंने कहा कि राष्ट्र प्रेम केवल नारे लगाने तक सीमित नहीं होता, बल्कि ये वो भावना है जो इंसान को अपने प्राणों से भी ऊपर देश को रखने की प्रेरणा देती है, सच्चे देशभक्त वही हैं