लोकतंत्र की सबसे महत्वपूर्ण खासियत यही है कि यहाँ हर व्यक्ति की आवाज़ को ध्यान से सुना जाता है और हर दृष्टिकोण का सम्मान किया जाता है. यह आसन किसी एक व्यक्ति का स्वामित्व नहीं है. यह भारत की लोकतांत्रिक परंपरा, संविधान की भावना और इस महान संस्था की गरिमा का प्रतीक है. हमारे पिछले अध्यक्षों ने इस सदन की मर्यादा और परंपरागत विशेषताओं को मजबूती से बनाए रखा है.