चैत्र नवरात्रि में कलश स्थापना, जौ और अक्षत (चावल) का विशेष महत्व होता है. ये तीनों वस्तुएं पूजा में समृद्धि, शांति और सकारात्मक ऊर्जा का प्रतीक मानी जाती हैं. मान्यता है कि इनके बिना पूजा अधूरी रहती है, इसलिए सही विधि से पूजा करना जरूरी है.