56 साल के मोजतबा खामनेई ईरान के दूसरे सबसे बड़े धर्म गुरु और शिक्षाविद हैं. उन्हें अतुल्ला खामनेई के शासन के दौरान पर्दे के पीछे महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाला माना जाता है. इराक युद्ध के दौरान भी उन्होंने सक्रिय योगदान दिया था. दो महीने पहले ईरान में शुरू हुई सिविल रिवोल्यूशन को नियंत्रित करने में भी मुस्तफा खामनेई की भूमिका अहम रही है.