ममता बनर्जी का कहना है कि कैसे कुछ लोग बिना अधिकारों के कार्य करते हुए दस्तावेजों को हटाते हैं और सामान्य नागरिकों के हितों की अनदेखी करते हैं. संबंधित अधिकारी और संस्था किस तरह इस समस्या को संभालने के लिए समर्पित हैं, यह भी स्पष्ट किया गया है.