महात्मा बुद्ध ने अपने जीवन में सबसे अधिक चातुर्मास उत्तर प्रदेश के श्रावस्ती में बिताए थे। यह स्थान भगवान बुद्ध की साधना और उपदेश के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण था। साथ ही, भगवान बुद्ध ने अपना अंतिम महापरिनिर्वाण भी उत्तर प्रदेश के कुशीनगर में किया था, जो उनके जीवन का अंतिम और पवित्र स्थल माना जाता है। ये दोनों स्थल बौद्ध धर्म के अनुयायियों के लिए अत्यंत पूजनीय हैं और भारतीय इतिहास में महत्वपूर्ण स्थान रखते हैं।